जम्मू-कश्मीर में हिंदू समुदाय चैत्र नवरात्रि और मुस्लिम समुदाय ईद की तैयारी कर रहा है तो दूसरी ओर पुलिस विभाग भी चौकन्ना है ताकि इस दौरान किसी तरह की गड़बड़ी ना हो.चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है तो ईद का त्योहार 31 मार्च या 1 अप्रैल को मनाया जा सकता है. इसको लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी तरह की गड़बड़ी ना हो और शांतिपूर्ण तरीके से दोनों ही त्योहार मनाए जा सकें.

रामबन के एसएसपी कुलबीर सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ”कल नवरात्रि का पहला दिन है. 31 मार्च या फिर 1 अप्रैल को ईद का त्योहार मनाया जा सकता है. मुसलमान भाइयों ने एक महीने से रोजे रखे हैं और उनका त्योहार आ रहा है. हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय को मुबारकबाद दे रहा हूं. लोगों से अपील है कि एक दूसरी की भावनाओं को समझें और उस हिसाब से त्योहार मनाएं.”
एसएसपी ने कहा कि रामबन में ऐसी कोई घटना नहीं होती है फिर भी चाहता हूं कि शांति बनी रही और त्योहार मनाए जाएंगे. जहां तक सुरक्षा मुहैया कराने की बात है हमने माकूल इंतजाम किए हैं. हम सुनिश्चित करेंगे कि दोनों त्योहार मनाने में लोगों को किसी तरह की दिक्कत ना आए.
उधर, ईद से पहले रमजान के आखिरी जुमे पर विशेष नमाज अदा की गई लेकिन श्रीनगर के ऐतिहासिक जामा मस्जिद में जुमा-तुल-विदा की नमाज पर अधिकारियों ने रोक लगा दी, जबकि मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया गया. जम्मू-कश्मीर में नमाज समाप्त होने के तुरंत बाद रोजेदारों ने फिलिस्तीन के समर्थन में रैली निकाली. सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन बडगाम में हुआ. कश्मीर घाटी के कई इलाकों में इजराइल के विरोध में मार्च निकाले गए.


