नेपाली और बॉलीवुड अभिनेता सुनील थापा का 68 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया है. वो भोजपुरी फिल्मों में भी लोकप्रिय थे और प्रियंका चोपड़ा के साथ फिल्म ‘मैरी कॉम’ में नजर आए थे.नेपाली दर्शकों के बीच राते काइला नाम से मशहूर एक्टर सुनील थापा का 68 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. वो बॉलीवुड का भी पॉपुलर चेहरा रह चुके हैं और भोजपुरी फिल्मों में खूब काम किया. सुनील, प्रियंका चोपड़ा के साथ ‘मैरी कॉम’ में नजर आए थे. परिवार के सदस्यों के काठमांडू पहुंचने के बाद उनके निधन को लेकर ऑफिशियल ऐलान किया जाएगा.
सुनील थापा के निधन की खबर से फैन्स के बीच मातम छा गया है. उन्होंने बॉलीवुड से अपना फिल्मी सफर शुरू किया था. देव आनंद ने उन्हें हिंदी सिनेमा में काम करने का मौका दिया था. सुनील थापा ने 1981 में फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से डेब्यू किया था. फिल्म में उनके साथ कमल हासन और रति अग्निहोत्री लीड रोल में थे.डेब्यू फिल्म में उन्होंने अपनी एक्टिंग की गहरी छाप छोड़ी. इसके बाद उन्हें बैक टू बैक कई ऑफर्स आने लगे. 1982 में उन्होंने ‘मशाल’ फिल्म से नेपाली सिनेमा में कदम रखा, लेकिन इसमें वो ज्यादा कुछ कमाल नहीं दिखा सके. 7 साल बाद उन्होंने ‘चिनो’ से नेपाली इंडस्ट्री में धूम मचा दी. फिल्म में उन्होंने राते काइला नाम के विलेन का रोल अदा किया था. ‘चिनो’ को नेपाली सिनेमा का शोले कहा जाता है और सुनील थापा गब्बर जैसे खतरनाक विलेन का टैग मिल गया था.

सुनील थापा ने 2014 में ‘मैरी कॉम’ फिल्म में प्रियंका चोपड़ा के ट्रेनर का किरदार निभाया था. फिल्म में उन्होंने सख्त और प्रेरणादायक ट्रेनर के करिदार में खूब वाहवाही लूटी. एक इंटरव्यू में सुनील थापा ने बताया था कि यह रोल पहले अमिताभ बच्चन और डैनी को ऑफर किया गया था. लेकिन बाद ये किरदार उनकी झोली में आ गिरा. ‘मैरी कॉम’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर इन सपोर्टिंग रोल के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था.
नेपाली, हिंदी और भोजपुरी सिनेमा में अपना अहम योगदान देने वाले सुनील थापा अपनी फिल्म एकेडमी भी चलाते थे. इसका नाम एवरेस्ट फिल्म एकेडमी है. एकेडमी में आने वालों लोगों को सुनील ना सिर्फ एक्टिंग, बल्कि अनुशासन और वक्त की इज्जत करना भी सिखाते थे.

