ENTERTAINMENT : जासूस ‘हैप्पी पटेल’ की कहानी में छाए वीर दास, कहानी नहीं स्ट्रॉन्ग, कुछ मोमेंट्स हैं मजेदार

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आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म हैप्पी पटेल खतरनाक जासूस रिलीज हो चुकी है. इस पिक्चर में एक्टर कॉमेडियन वीर दास ने लीड रोल निभाया है. हमारे रिव्यू में जानिए कैसी है मूवी.

एक्टर वीर दास लौट आए हैं और उनका कमबैक काफी दिलचस्प है. फिल्म डेल्ही बेली में नजर आने के बाद अब एक बार फिर वीर उसी अटपटे अंदाज में बड़े पर्दे पर उतरे हैं. उनकी कहानी उलझी हुई नहीं है, लेकिन फिर भी चकराने वाली है. इस सबके बीच में ऐसा बहुत कुछ हो रहा है, जो आपको हंसाएगा.

हैप्पी एक अंग्रेज गे कपल का एडॉप्ट किया हुआ बेटा है, जो खुद को तलाश रहा है. वो खाना अच्छा पकाता है, डांस भी अच्छा करता है. मगर उसका सपना अधूरा है, जिसे वो पूरा करने के लिए बेसब्र है. ये अपना है अपने पिताओं की तरह एजेंट बनने का. फिर एक वक्त ऐसा भी आता है, जब हैप्पी को पता चलता है कि वो इंडियन है. उसका पूरा नाम हैप्पी पटेल है. इसके बाद उसे एजेंट के रूप में भर्ती कर भारत के गोवा में मिशन पर भेजा जाता है. यहां वो कैसे घुलेगा-मिलेगा और सर्वाइव करेगा यही देखने वाली बात है.

पिक्चर में कई मजेदार पल है. इसे देखते हुए साफ हो जाता है कि इसे किसी कॉमेडियन ने लिखा है. वीर दास ने Amogh Ranadive के साथ मिलकर इसे लिखा है और वही इसके डायरेक्टर भी हैं. उनका ह्यूमर औरों से थोड़ा अलग है. मूवी में एक एनआरआई को भारत के बारे में मिलने वाला ज्ञान और उसका फिर उसे एक्जीक्यूट करना बहुत फनी है. हैप्पी को बॉलीवुड के रेफेंस से इंडियन बनाया जाता है, जाहिर है कि वो कुछ भी ठीक नहीं करेगा. यही सब होता देखने में मजा आता है. इसके ऊपर से हैप्पी की हिंदी तो माशाल्लाह है. पिक्चर के क्लाइमैक्स में चीजें थोड़ी अटपटी हो जाती है, लेकिन वो भी अपने आप में कमाल है. यहां आपको डेल्ही बेली का कॉलबैक भी मिलता है. सालों बाद इमरान खान आपको पर्दे पर दिखते हैं और आपका दिल जीत लेते हैं.

वीर दास ने हैप्पी पटेल के रोल को बखूबी निभाया है. ये इतना ब्रेन रॉट किरदार है कि इसे वीर से बेहतर शायद ही कोई निभा सकता था. विलेन के रूप में मोना सिंह बढ़िया है. उनके चेहरे के एक्सप्रेशन उनके अंदर के पागलपन को बयां करते हैं. मिथिला पालकर और शारिब हाशमी का काम भी अच्छा है. आमिर खान और इमरान खान पिक्चर में कैमियो कर रहे हैं और दोनों को देखकर मजा आता है.

पिक्चर की सबसे बड़ी दिक्कत इसकी भाषा है. ये इंग्लिश में शुरू होती है. फिर टूटी–फूटी हिंदी में तब्दील हो जाती है. बीच में आपको कोंकणी भी सुनने को मिलती है. ऐसे में कई बार फॉलो करना मुश्किल हो जाता है. साथ ही इसकी कहानी बहुत स्ट्रॉन्ग नहीं है. फिल्म के फन मोमेंट्स मजेदार हैं, लेकिन इसे चलाने के लिए बस उतना ही काफी नहीं है. ये बढ़िया सटायर है, जिसे देखकर आपको मजा आएगा, लेकिन फिर भी इसमें कुछ कमी है. बाकी आपकी मर्जी.

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