ENTERTAINMENT : बेटा बन अर्जुन बिजलानी ने निभाई ससुर के अंतिम संस्कार की सभी रस्में,पिता को खोने के बाद नेहा स्वामी का छलका दर्द

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अर्जुन बिजलानी के ससुर और नेहा स्वामी के पिता राकेश चंद्रा स्वामी का हाल ही में स्ट्रोक आने की वजह से निधन हो गया. जब उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था तब नेहा और अर्जुन दुबई में थे.टीवी एक्टर अर्जुन बिजलानी और उनकी पत्नी नेहा स्वामी को नए साल के मौके पर बहुत ही तकलीफ से गुजरना पड़ा. दरअसल, 1 जनवरी को ही नेहा के पिता राकेश चंद्र स्वामी का निधन हुआ था. उस दौरान अर्जुन और नेहा दुबई गए हुए थे. उन्हें जैसे ही पिता के तबीयत खराब होने की खबर मिली तो वापस मुंबई आ गए.

आपको बता दें राकेश चंद्र स्वामी को स्ट्रोक आया था, इसी वजह से उनका निधन हो गया.राकेश चंद्र स्वामी का ऐसे चले जाना अर्जुन बिजलानी और नेहा स्वामी के लिए किसी सदमे से बिल्कुल भी कम नहीं है. अब हाल ही में नेहा ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है.

उन्होंने अंतिम संस्कार से जुड़े रस्मों की तस्वीरें शेयर की है.तस्वीरों में अर्जुन को अपने ससुर के अंतिम संस्कार की रस्में निभाते हुए देखा जा सकता है. एक्टर के संग उनके बेटे अयान भी नजर आ रहे हैं.तस्वीरों में अर्जुन और नेहा अपने बेटे के संग मिलकर राकेश चंद्र स्वामी को श्रद्धांजलि देते हुए दिख रहे हैं.

तस्वीरों को शेयर करते हुए नेहा ने एक इमोशनल पोस्ट भी शेयर किया है.नेहा ने लिखा,’डैडी, मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि आप चले गए हैं और मैं इसे मानना भी नहीं चाहती.मेरा दिल उस दुनिया को स्वीकार करने से इंकार कर रहा है, जिसमें आप नहीं हैं. ये खालीपन सिर्फ मुझे ही नहीं, बल्कि हमारे पूरे परिवार को महसूस हो रहा है.फिर भी,किसी न किसी तरह मैं आपको हर जगह महसूस करती हूं-खामोशी में, यादों में. मैं आपको बहुत याद करने वाली हूं डैडी. मैं बार-बार उस डिनर के बारे में सोचती हूं, जो हमने साथ में किया था.उस दौरान जो बातें हुए थीं वो याद आती हैं.और वो प्यारा सा मैसेज जो एक दिन पहले आपने मुझे भेजा था.उसे मैं ऐसे संभालकर रखती हूं, जैसे वो आपका एक हिस्सा हो जिसे मैं आज भी छू सकती हैं.’

नेहा ने पोस्ट में आगे लिखा,’मुझे पता है कि आप हर दिन, हर पल मां को कितना याद किया करते थे. मैंने वो दर्द आपमें देखा, उसे महसूस किया. मैं जानती हूं कि आप फिर से उनके साथ रहना चाहते थे, क्योंकि मुझे पता था कि आप उनसे कितना प्यार करते थे.ऐसा प्यार बहुत कम ही देखने को मिलता है डैडी.आप और मम्मा जैसे पेरेंट्स पाकर मैं खुद को सौभाग्यशाली समझती हूं. आपने मुझे सिखाया कि सच्चा प्यार क्या होता है.उसकी पवित्रता, ईमानदारी, गहराई और सच्चाई. आपने मुझे बताया कि जब प्यार असली होता है तो कैसा महसूस होता है.मम्मा ने भी मुझे बहुत कुछ सिखाया. आज मैं जो भी हूं, आप दोनों की वजह से हूं.’

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