अर्चना पूरन सिंह ने अपनी पहली प्रेग्नेंसी के दौरान मिले दर्द, मिसकैरेज और भावनात्मक संघर्षों के बारे में खुलकर बताया है. अर्चना पूरन के अनुभव उन महिलाओं के लिए प्रेरणादायक हैं, जो मां बनने के लिए चुनौतियों से गुजर रही हैं.अर्चना पूरन सिंह अब यूट्यूब पर काफी एक्टिव रहती हैं. वो और उनका परिवार व्लॉगिंग के जरिए फैन्स को डेली लाइफ की अपडेट देता रहता है. अर्चना पूरन ने अब अपनी पहली प्रेग्नेंसी का दर्द बयां किया है.
अर्चना पूरन ने लेटेस्ट व्लॉग में बताया कि परमीत सेठी से शादी के चार साल बाद वो प्रेग्नेंट हो गई थीं, लेकिन शूटिंग के वक्त उनका मिसकैरेज हो गया. अर्चना ने दूसरी बार कंसीव किया, लेकिन हालात तब भी मुश्किल थे. वो कहती हैं कि मेरे पिता का देहांत हो गया था. मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हूं. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है.

अर्चना ने बताया कि वो हमेशा से इंडिपेंडेंट रहीं हैं. लेकिन प्रेग्नेंसी के मुश्किल वक्त में परमीत से इमोशनल सपोर्ट की उम्मीद कर रही थीं, जो उन्हें नहीं मिला. उन्होंने अपनी हेल्थ प्रॉब्लम्स भी शेयर कीं. वो कहती हैं कि मैं बहुत इंडिपेंडेंट थी. फिजिकली बहुत स्ट्रॉन्ग थी, लेकिन इमोशनली, तुम सिर्फ एक औरत हो. बॉडी में इतने चेंजेस हो रहे हैं, तुम्हें कुछ समझ नहीं आता. कहा जाता है कि नॉजिया तो पहले 3-4 महीने ही होता है, लेकिन मुझे 8 महीने नॉजिया रहा. मैं 8 महीने बीमार रही. मुझे खुशबुओं से एलर्जी हो गई थी.
अर्चना कहती हैं कि ऐसा लगता था जैसे जानवर हूं, जो दुनिया की हर खुशबू सूंघ सकती हूं. ये बिल्कुल अच्छा अनुभव नहीं था. मेरे इतना वजन घट गया था कि आधी रह गई थी, जबकि प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ना चाहिए. ये मेरी पहली प्रेग्नेंसी थी.
अर्चना पूरन ने कहा कि जब उनका पहला मिसकैरेज हुआ, तो वो काफी डर गई थीं. उस वक्त उनकी उम्र 34 साल थी. अर्चना को लगा कि अब वो कभी मां नहीं पाएंगी, क्योंकि उस समय एग्ज फ्रीजिंग जैसी चीजें नहीं होती थीं. अर्चना शिद्दत से बच्चा चाहती थीं, लेकिन उन्हें कंसीव करने में उतनी ही मुश्किल हो रही थी. पर फिर दुआएं काम आईं आज अर्चना पूरन सिंह दो बेटों की मां हैं.

