ENTERTAINMENT : ‘ऐसे रोना जैसे तुम्हारे पिता गुजर गए’, जब धुरंधर में उठा रहमान डकैत का जनाजा, डायरेक्टर ने ऐसे किया शूट

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‘धुरंधर 2’ पिछले पार्ट से आगे की कहानी दिखाती है. ऐसे में जब फिल्म में रहमान डकैत को अंतिम विदाई दी जा रही थी, तो डायरेक्टर आदित्य धर ने अपने एक्टर्स को एक स्पेशल ब्रीफ दिया था. क्या थी वो बात?

जिस घड़ी का सिनेमा लवर्स को बेसब्री से इंतजार था, वो फाइनली आ चुकी है. ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च को थिएटर्स में रिलीज हो गई है. इस फिल्म के लिए जनता कितनी क्रेजी थी, ये सोशल मीडिया से देखा जा सकता है. जो भौकाल इसके पहले पार्ट ने मचाया था, उनका फायदा दूसरे पार्ट को मिला है. ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार ओपनिंग की है.

दिसंबर 2025 में आई ‘धुरंधर’ को हिट बनाने के पीछे अक्षय खन्ना का बहुत बड़ा हाथ था. रहमान डकैत बनकर जो ‘ऑरा फार्मिंग’ उनके किरदार ने की, वो काफी कम देखा जाता है. विलेन होने के बावजूद, वो फिल्म में किसी हीरो की तरह चमके. धुंरधर में उनकी मौत का सीन भी काफी खौफनाक था. अब ‘धुरंधर 2’ में रहमान डकैत की मौत का शोक मनाया गया, जिसके लिए एक्टर्स ने खुद को एक खास तरीके से तैयार किया.

हाल ही में फिल्म के एक्टर रजत अरोड़ा, जो रहमान डकैत की गैंग में मुक्का बने, उन्होंने स्क्रीन से बातचीत की. वहां उन्होंने रहमान डकैत की अंतिम विदाई के सीन की बैक स्टोरी शेयर की, जिसमें उन्हें आदित्य धर से एक खास ब्रीफ मिला. रजत बताते हैं, ‘मैंने आदित्य धर सर से पूछा था कि क्या मैं अपने कॉन्टैक्ट लेंस निकाल लूं क्योंकि उसे लगाने के बाद रोना काफी मुश्किल होता है. मुझे वो इमोशनल सीन परफॉर्म करना था.’

‘आदित्य सर ने जो ब्रीफ हमें दिया था- वो आपके पिता समान हैं, आप रहमान डकैत की गैंग में हैं, वो एक तरह से आपके पिता ही थे. तो आपको कैसा लगेगा जब आपके पिता का निधन हो जाए? आपको वही फीलिंग और इमोशन्स लेकर आने हैं. ऐसे रोना है जैसे आपके पिता गुजर गए हों. उन्होंने एक और बात कही थी कि जो भी फ्रेम में है, सभी को वो इमोशन बाहर लाना है जैसे कोई अपना गुजर गया हो. इसलिए हर कोई उस सीन में नोटिस हुआ हो और शायद लोगों को वो पसंद भी आए.’

‘धुरंधर’ में शकील बने एक्टर विक्रम भंबरी ने भी रहमान डकैत की मौत के सीन पर बात की. उन्होंने कहा, ‘हमें उस दिन की स्क्रिप्ट सुबह मिल जाती थी और उसे पढ़ते वक्त ये आइडिया लग चुका था कि हम रहमान डकैत की अंतिम विदाई वाला सीन शूट कर रहे हैं. मेरे लिए, स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद उस जोन में जाना बहुत जरूरी होता है. मुझे मालूम था कि हम रोना-चीखना नहीं मचा सकते, हमें बस एक इमोशन दिखाना है. हमें कुछ भी ओवर नहीं करना था, बस उस जोन में रहना था. हमने उस सीन के लिए कोई ग्लीसरीन नहीं इस्तेमाल की थी.’

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