इंदौर में अपने महंगे शौक और कर्ज से परेशान युवक ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली. फिरौती में उसने अपने ही पिता से एक लाख रुपए की डिमांड की थी. हालांकि जल्द ही उसका भंडाफोड़ हो गया.

मध्यप्रदेश के इंदौर में अपने महंगे शौक और कर्ज से परेशान युवक ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली. फिरौती में उसने अपने ही पिता से एक लाख रुपए की डिमांड की थी. मामले में भंवरकुआ पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
इंदौर के भंवरकुआ पुलिस को सीधी के रहने वाले श्रीराम गुप्ता ने फोन कर सूचना दी थी कि मेरे बेटे को किसी ने किडनैप कर लिया है और एक लाख रुपए की डिमांड की जा रही है. वहीं पूरे मामले को पुलिस द्वारा संज्ञान में लेते हुए तुरंत एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश में लगाई गई. इसी दौरान पुलिसनंबर को ट्रेस करते संदिग्धों से पूछताछ करते हुए भंवरकुआ थाना क्षेत्र के ही रहने वाले दो लड़के आरुष अरोरा और तेजवीर सिंह तक पहुंची.
जब पुलिस द्वारा दोनों लड़कों से पूछताछ की गई तो बड़ा खुलासा हुआ. पता लगा कि किडनैपिंग की कहानी खुद सतीश गुप्ता ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर रची थी. उसने दोस्तों के फोन से अपने पिता को फोन कर सूचना दिलवाई थी और फिरौती मांगी थी. इसमें सतीश गुप्ता को छोड़ने के एवज में एक लाख रुपए की डिमांड की गई थी.
वही सतीश गुप्ता से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि अपने महंगे शौक, और कर्ज ज्यादा हो जाने की वजह से उसने ये खेल खेला था. उसने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची थी. बहरहाल पुलिस ने सतीश गुप्ता सहित उसके तीन दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.


