यूपी सहित इन राज्यों में हो रही नकली घी की सप्लाई, 18 नामी कंपनियों के नाम पर हो रहा फ्रॉड

0
101

आगरा के शमसाबाद मार्ग स्थित मारुति सिटी रोड पर एक फैक्टरी में नकली घी बनाने का मामला सामने आया है। इस फैक्टरी से नकली घी की सप्लाई 7 राज्यों के 19 जिलों में हो रही थी। फैक्टरी में प्रतिदिन 50 किलोग्राम से लेकर 100 किलो तक घी तैयार किया जाता था। हैरान करने वाली बात यह है कि नकली घी बनाने में एक्सायर्ड घी का भी इस्तेमाल किया जाता था। यह जानकारी गिरफ्तार फैक्टरी के मैनेजर से पूछताछ के दौरान मिली है। इसके अलावा, मैनेजर के व्हाट्सएप चैट से सप्लायरों के बारे में भी अहम जानकारी मिली है। अब पुलिस इन सप्लायरों के साथ-साथ फैक्टरी के मालिक की तलाश में जुटी हुई है।

मारुति सिटी रोड स्थित मारुति प्रभासम कालोनी में नकली देसी घी की फैक्टरी का खुलासा किया है। इस फैक्टरी में अमूल, पंतजलि, कृष्णा सहित करीब 18 ब्रांड्स के नाम पर देसी घी बनाया जा रहा था। इस नकली घी को ब्रांडेड कंपनियों की पैकिंग में पैक कर सेल किया जा रहा था।

PunjabKesari

इस मामले में धोखाधड़ी और Indian Food Standards Safety Act की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने नकली घी बनाने वाली फैक्टरी के पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में फैक्टरी के मैनेजर राजेश भारद्वाज, टेक्नीशियन शिव चरण, भास्कर गौतम, रवि मांझी (ग्वालियर) और धर्मेंद्र सिंह (सागर) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि राजेश भारद्वाज ने पूछताछ में बताया कि फैक्टरी के मालिक पंकज अग्रवाल, नीरज अग्रवाल और बृजेश अग्रवाल हैं, जो ग्वालियर के मैना वाली गली, पुराना हाईकोर्ट के निवासी हैं। फैक्टरी के मालिकों का मध्य प्रदेश में घी का बड़ा कारोबार है और पुलिस अब उनके खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रही है।

इस फैक्टरी के देसी घी का रजिस्ट्रेशन रियल गोल्ड नाम से हुआ है। मैनेजर द्वारा बताया जाता था कि यह नकली घी कौनसी मार्केट में जाएगा। फिलहाल फैक्टरी मालिक की तलाश की जा रही है। मैनेजर के व्हाटस से खुलासा हुआ है कि यह नकली घी यूपी के मेरठ, प्रयागराज, बहराइच, गोंडा, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, फैजाबाद, गोरखपुर, राजस्थान के उदयपुर, जयपुर, गुवाहाटी, जम्मू कश्मीर, पंजाब के अमृतसर, हरयाणा के सिरसा और बिहार के पूर्णियां में सप्लाई होता था।

बता दें कि इस फैक्टरी में पाम आयल से घी बनाया जा रहा है। पुलिस की जांच में खुलासा किया है कि मार्केट में जो आयल के डिब्बे एक्सपायर हो जाते हैं, फैक्टरी वाले उन्हें सस्ते में खरीदते कर नकली घी में मिलाते थे। इनकी पैकिंग करते हुए नकली घी के साथ ऊपर की तरफ असली घी की लेयर बनाई जाती थी, जिससे यह देखने में असली लगता था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here