बीएसएफ ने पंजाब के रोडावला गांव के किसानों को निर्देश दिया है कि वे सीमाई बाड़ के पार अपने खेतों की फसल दो दिन में काट लें. यह निर्देश सुरक्षा कारणों से जारी किया गया है क्योंकि सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच गेट बंद कर दिए जाएंगे. गुरुद्वारे में इस घोषणा के बाद किसानों में हलचल मच गई है.

BSF ने पंजाब के सीमाई गांव रोडावला के किसानों को अपनी फसल कटाई के काम को दो दिन में पूरा करने का निर्देश दिया है. ये निर्देश उन किसानों को दिया गया है जिनके खेत सीमा पर बनी बाड़ या फेंसिंग के दूसरी तरफ हैं. फेंसिंग के पार स्थित क्षेत्रों में काम करने वाले किसानों को बताया गया है कि दो दिन बाद सीमा के गेट बंद कर दिए जाएंगे, और इसे नहीं खोले जाएंगे.
गुरुद्वारे में इस बात की घोषणा की गई, जिससे गांव के किसानों में हलचल मच गई. गांव के सरपंच तरसेम सिंह ने इस बात की पुष्टि की और कहा कि BSF के निर्देश के मुताबिक ही गांव के लोग जल्द से जल्द फसल काटने का काम पूरा करेंगे. उन्होंने कहा कि “हम BSF के साथ खड़े हैं और देश की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.”
गांव के किसान हरदेव सिंह ने कहा कि उनका खेत बाड़ के पार है और उन्हें बताया गया है कि दो दिन में काम समाप्त कर लें. जर्नैल सिंह नाम के एक और किसान ने बताया कि “पहलगाम में जो हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हम अपनी सेना और BSF के साथ हैं. हालांकि गांव में थोड़ी चिंता का माहौल है, फिर भी हम देश के साथ खड़े हैं.”
रोडावला गांव अटारी सीमा के नजदीक स्थित है और यहां के कई किसानों के खेत सीमा के पार हैं. BSF की इजाजत से ये किसान दिन में कुछ घंटों के लिए सीमा गेट से होकर अपने खेतों तक जाते हैं. सुरक्षा के नजरिए से, हाल के दिनों में पहलगाम हमलों और सीमा पर बढ़ते तनाव के कारण यह कदम उठाया गया है.
बीएसएफ के आदेश के बाद लोग सुरक्षाबलों के साथ खड़े होने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर रहे हैं. आजतक से बातचीत में हरदेव सिंह ने कहा, “हमने 1965, 1971 और कारगिल युद्ध देखा है और हम हमेशा अपनी सेना के साथ खड़े रहे हैं.”


