टेलीविजन का हिस्टोरिकल शो ‘रामायण’ में रावण की बहन सूर्पणखा का किरदार निभाने वाली रेणु धारीवाल आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई हैं. 1987 में रामानंद सागर द्वारा डायरेक्टेड इस शो में रेणु लगभग चार एपिसोड में नजर आई थीं लेकिन उनकी दमदार एक्टिंग ने ऑडियन्स का दिल जीत लिया. कम लोग जानते हैं कि सूर्पणखा बनने से पहले रेणु सिर्फ़ एक थिएटर आर्टिस्ट थीं.

रेणु का सफर आसान नहीं था. वे एक पंजाबी रूढ़िवादी परिवार से ताल्लुक रखती थीं जहां बेटियों को ग्लैमर वर्ल्ड में आने की इजाज़त बिल्कुल भी नहीं थी. लेकिन उनके अंदर एक एक्ट्रेस बनने का सपना था, जिसे उनकी बंगाली मां का साथ मिला था. उन्होंने पिता से झूठ बोलकर मुंबई का रुख किया और रोशन तनेजा की एक्टिंग क्लास में एडमिशन लिया, जहां उनके बैचमेट गोविंदा थे.
थिएटर करते हुए एक दिन रामानंद सागर ने उन्हें एक नाटक में देखा. वे उनके एक्टिंग से इतने ऐफेक्ट हुए कि उन्होंने रेणु को आइकॉनिक रोल सूर्पणखा के लिए कास्ट कर लिया.
रेणु ने रामायण में महज़ दो महीने काम किया और उन्हें इसके लिए 30,000 रुपये मिले. लेकिन इस किरदार ने उन्हें जबरदस्त पहचान दिलाई. लोग उन्हें सड़कों पर पहचानने लगे. इसके बाद उन्हें बीआर चोपड़ा की ‘चुन्नी’, नेशनल अवॉर्ड विनर पंजाबी फिल्म ‘मरही दा दीवा’ और हेमा मालिनी के डायरेक्शन में बनी पहली फिल्म ‘दिल आशना है’ में शाहरुख़ ख़ान की बहन का रोल निभाने का मौका मिला.
हालांकि एक्टिंग करियर के बाद उन्होंने पॉलिटिक्स में कदम रखा और मुंबई महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष रहीं. शादी के बाद उनका नाम रेणु खानोलकर हो गया और अब वह पॉलिटिक्स से भी दूरी बना चुकी हैं. आज वे अपने पति के साथ रियल एस्टेट बिज़नेस में हाथ बंटाती हैं और साथ ही महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए दो एनजीओ भी चलाती हैं.


