दिल्ली और हरियाणा में ATM मशीन और मोबाइल फोन शोरूम में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय अपराधियों के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. गिरोह के सरगना फारमान और उसके करीबी को गिरफ्तार किया गया है.

दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत अंतरराज्यीय अपराधियों के ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली और हरियाणा में ATM मशीन और मोबाइल फोन शोरूम में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था. गिरोह के सरगना फारमान और उसके करीबी साथी आसिफ को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने इनके कब्जे से एक चोरी की गई ATM मशीन, एक चोरी की क्रेटा कार, फर्जी नंबर प्लेट और अपराध में इस्तेमाल औजार बरामद किए हैं.
27 मार्च 2025 को सुबह करीब 5:30 बजे थाना गोविंदपुरी को एक PCR कॉल मिली जिसमें बताया गया कि कोटक महिंद्रा बैंक के ATM से मशीन चोरी हो गई है. मौके पर पहुंची पुलिस को ATM बूथ टूटा हुआ मिला और मशीन गायब थी. इस मामले में तत्काल FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई. एक विशेष टीम गठित की गई जिसमें CCTV फुटेज खंगालने के बाद दो संदिग्धों की पहचान हुई. तकनीकी निगरानी और स्थानीय मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फारमान और आसिफ की तलाश शुरू की. आखिरकार दोनों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूला कि वे कई राज्यों में ATM और मोबाइल शोरूम में चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं. फरवरी और मार्च में इन्होंने छावला, गाज़ीपुर (दिल्ली) और फरीदाबाद (हरियाणा) में करीब 1.8 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन चुराए थे.
यह गैंग रात के समय ऐसे ATM को निशाना बनाता था जो सुनसान इलाके में होते और जिनकी निगरानी कम होती थी. चोरी की गई कारों का इस्तेमाल कर ये ATM मशीन को उखाड़कर काले पॉलीथिन से ढककर ले जाते थे ताकि रास्ते में किसी को शक न हो. अपराध के बाद ये लगातार ठिकाने बदलते रहते थे जिससे पुलिस को भ्रमित किया जा सके.
फारमान एक कुख्यात अपराधी है जो पहले कबाड़ी की दुकान चलाता था. 2004 में इसने चोरी का रास्ता अपनाया और अपना गिरोह बना लिया. वह 25 से अधिक संगीन मामलों में शामिल रहा है, जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट आदि शामिल हैं. 2017 में उसने अपने ही साथी की हत्या कर दी थी और 2018 में पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ था.
आसिफ, जो कभी मैकेनिक और फिर कैब ड्राइवर था, फारमान के संपर्क में आने के बाद अपराध की दुनिया में उतर गया. वह हत्या और चोरी जैसे मामलों में संलिप्त रह चुका है. गिरोह के अन्य सदस्य और चोरी का सामान खरीदने वाला रिसीवर अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.


