Himachal: बीपीएल परिवार चयन के लिए सरकार ने बदले मापदंड

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सरकार ने 2.82 लाख बीपीएल परिवार चयन प्रक्रिया के लिए नए मापदंड निर्धारित किए हैं। इसके तहत 18 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के बिना वयस्क सदस्य वाले परिवार, महिला मुखिया वाले परिवार, 50 फीसदी दिव्यांगता रखने वाले परिवार के मुखिया, पिछले वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 100 दिन काम करने वाले और कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और थैलेसीमिया जैसी बीमारी से ग्रस्त परिवार चलाने वाले व्यक्ति (स्थायी दिव्यांग) को तरजीह दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में बीपीएल सर्वेक्षण को अप्रैल माह में नए सिरे से करवाने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश को 2.82 लाख का बीपीएल कोटा चुनने की अनुमति दी है। इसके लिए आय सीमा को डेढ़ लाख रुपए प्रतिवर्ष निर्धारित किया गया है।

पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय
मंत्रिमंडल ने प्रदेश में पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश में सिर्फ सफेदा, पापुलर और बांस तथा बिक्री के लिए 10 वर्षीय कार्यक्रम के अनुसार खैर की कटाई को ही अनुमति मिलेगी। प्रदेश में इसके अतिरिक्त अन्य पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि पेड़ कटान को लेकर लगाए गए इस प्रतिबंध का कुछ लोगों ने विरोध भी किया है। उनका तर्क है कि प्रदेश में पेड़ों का संरक्षण करने वाले लोगों को इससे घरों में चूल्हे में आवश्यकता के अनुसार लकड़ी जुटाने में परेशानी आएगी। मंत्रिमंडल ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची-1 ए में संशोधन करने के लिए अध्यादेश जारी करने को मंजूरी दी है। इस संशोधन से राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी से हिमाचल प्रदेश काश्तकारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118(2)(एच) के तहत सुरक्षित हस्तांतरण और पट्टा लेन-देन पर 12 फीसदी की एक समान स्टाम्प ड्यूटी दर लगाई जा सकेगी। यानी प्रदेश में धारा-118 के तहत मकान बनाने और उद्योग सहित अन्य कार्य के लिए जमीन लेने वालों पर यह नियम लागू होंगे।

नशीली दवा दुरुपयोग रोकने को बनेगी स्पैशल टास्क फोर्स
मंत्रिमंडल ने विस्तृत और बहुआयामी योजना के अंतर्गत प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने और नशीली दवाओं की तस्करी तथा संगठित अपराध नैटवर्क को खत्म करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक स्पैशल टास्क फोर्स की स्थापना की जाएगी। यह टास्क फोर्स नशीली दवाओं की तस्करी के कारोबार से जुड़े लोगों पर नकेल कसेगी।

तारादेवी मंदिर के आसपास का क्षेत्र हरित क्षेत्र घोषित
शिमला के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तारादेवी मंदिर के आसपास के क्षेत्र को हरित क्षेत्र के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है। इसके हरित क्षेत्र के दायरे में आने से लोगों का दखल कम होगा, जिससे पर्यावरण को संरक्षण मिलेगा। उल्लेखनीय है कि तारादेवी मंदिर के आसपास का क्षेत्र हरे पेड़ों से आच्छादित है, जिसका पूरी तरह से संरक्षण करने का सरकार ने निर्णय लिया है।

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