‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उत्तर प्रदेश के बॉर्डर एरिया में निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है. भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे प्रदेश के करीब आधा दर्जन जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है. इस कड़ी में श्रावस्ती जिले में बॉर्डर पर उत्पन्न विशेष परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा जिले को 9 नए दो-पहिया पीआरवी वाहन आवंटित किए गए हैं.

इंडियन आर्मी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उत्तर प्रदेश के बॉर्डर एरिया में निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है. भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे प्रदेश के करीब आधा दर्जन जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है. इस कड़ी में श्रावस्ती जिले में बॉर्डर पर उत्पन्न विशेष परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा जिले को 9 नए दो-पहिया पीआरवी वाहन आवंटित किए गए हैं. इनका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस गश्त को और अधिक सुदृढ़ बनाना एवं संभावित आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है.
पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया एवं नोडल 112 अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार यादव के द्वारा इन 9 दो-पहिया पीआरवी वाहनों को एसपी ऑफिस परिसर भिनगा से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. ये PRV के वाहन थाना सिरसिया एवं थाना मल्हीपुर क्षेत्र के भारत-नेपाल बॉर्डर पर निरंतर गश्त, त्वरित पुलिस सहायता एवं सतर्क निगरानी के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे हैं.
एसपी ने बताया कि सभी पीआरवी वाहन जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, वायरलेस संचार व्यवस्था, बॉडी वॉर्न कैमरा, मोबाइल डाटा टर्मिनल MDT, सीयूजी मोबाइल फोन जैसी आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित हैं. जिससे पुलिस बल की प्रतिक्रिया क्षमता एवं पारदर्शिता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी. इसके साथ ही मेडिकल किट, हेलमेट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे पुलिसकर्मी किसी भी आपात स्थिति में तत्परता से सहायता प्रदान कर सकें.

