BJP नेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिमी बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की अपील की. साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री से चुनाव के समय बंगाल में 2 महीने सेना की तैनाती की मांग की.

बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के बयान पर टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की प्रतिक्रिया आई है. पटना में शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मिथुन चक्रवर्ती मेरे मित्र हैं, मैं उन्हें एक अच्छे कलाकार और एक अच्छे दोस्त के रूप में जानता हूं लेकिन वे कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं; उन्हें राजनीति में लाया गया है. वह विधायक, पार्षद, सांसद नहीं रहे हैं. वह एक बार राज्यसभा के सदस्य बने थे, वह भी पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की वजह से, राज्यसभा में उनके ऊपर कुछ कांड हुआ था, इसके लिए उन्हें छोड़ना या जाना पड़ा था.
टीएमसी सांसद ने आगे कहा कि मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी के दवाब में कुछ कह रहे हैं या उनको कहना पड़ रहा है मैं उस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोलूंगा, मैं मिथुन के बारे में कभी कुछ नहीं कहूंगा.
दरअसल, बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती ने शनिवार को पश्चिमी बंगाल में जारी हिंसा पर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद में हुई घातक हिंसा के मद्देनजर पश्चिमी बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए.चुनाव के समय कम से कम दो महीने तक पश्चिम बंगाल में सेना की तैनाती की जाए. उन्होंने कहा कि मैंने गृहमंत्री से कई बार अनुरोध किया है और अब भी कर रहा हूं कि चुनाव के समय कम से कम दो महीने के लिए बंगाल में सेना की तैनाती की जाए ताकि निष्पक्ष चुनाव हो सकें.
अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने बंगाल पुलिस की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जब यहां कोई दंगा या उपद्रव होता है तो वे बस कुर्सी लेकर बैठ जाते है और देखते हैं जैसे कि ये कोई प्रदर्शन हो, खत्म हो जाने पर अपनी कुर्सी समेटकर घर चले जाते हैं. उनका यही काम है सब कुछ अनदेखा करना. ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अगर वो मैडम वास्तव में चाहती तो एक दिन में सब कुछ बंद हो सकता था. वक्फ संशोधन अधिनियम सिर्फ बहाना था, असली एजेंडा कुछ और था.


