HEALTH : ये 4 संकेत बताते हैं आपके शरीर को शिद्दत से है प्रोटीन की जरूरत, ये खाकर बढ़ाएं इसका लेवल

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प्रोटीन एक ऐसा पोषक तत्व है जिसकी शरीर को बेहद जरूरत होती है. यह ऊतकों के निर्माण, मरम्मत, एंजाइम और हार्मोन्स के उत्पादन समेत कई बॉडी फंक्शन्स में अहम किरदार अदा करता है. यहां हम आपको बता रहे हैं कि शरीर में इसकी कमी कितनी खतरनाक हो सकती है

इंसानी शरीर के लिए प्रोटीन की जरूरत बाकी सभी पोषक तत्वों की तरह ही बल्कि कुछ ज्यादा ही होती है और इसे एक तरह से ‘शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक’ भी कहा जाता है. शरीर की मांसपेशियों से लेकर स्किन, बालों, एंजाइम्स और हार्मोन को बनाने और ठीक करने में भी प्रोटीन अहम किरदार अदा करता है.

कम प्रोटीन लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और बॉडी फंक्शन्स में रुकावट पैदा होने लगती है. जिन लोगों की डाइट में प्रोटीन की कमी होती है, वो शुरुआत में लक्षणों को नहीं पहचान पाते, क्योंकि वो मामूली होते हैं. हालांकि कुछ बारीक संकेतों से आप शरीर में प्रोटीन की कमी की पहचान कर सकते हैं. यहां हम आपको उन्हीं संकेतों की जानकारी दे रहे हैं.

1- कमजोरी और थकान
शरीर में कम प्रोटीन लेने का पहला संकेत कमजोरी और लगातार थकान है. मानव शरीर को मांसपेशियों को विकसित करने और ठीक करने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है. जब शरीर में पर्याप्त प्रोटीन नहीं होता है तो शरीर मांसपेशियों को प्रोटीन के स्रोत के रूप में उपयोग करने लगता है जिससे मांसपेशियों का नुकसान होने लगता है और पूरे शरीर में कमजोरी शुरू हो जाती है.

बालों और नाखूनों की वृद्धि और रखरखाव प्रोटीन पर निर्भर करता है. जब शरीर में प्रोटीन का स्तर कम हो जाता है तो बालों का पतला होना, बालों का झड़ना और बालों की ग्रोथ कम हो जाती है. जब नाखून कमजोर हो जाते हैं और उन पर धब्बे दिखाई देते हैं तो वो काफी खराब दिखने लगते हैं.

3- बार-बार बीमार होना और धीमी रिकवरी
आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्युनिटी एंटीबॉडीज और इम्यून सेल्स को बनाने के लिए प्रोटीन पर निर्भर करती हैं जो संक्रमण से बचाती हैं. जब आप पर्याप्त प्रोटीन नहीं लेते हैं तो आपका शरीर संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है और आपकी रिकवरी धीमी हो जाती है.

बार-बार बीमार होना और घाव ठीक होने में देरी यह बताती है कि आपके शरीर में पर्याप्त प्रोटीन नहीं है. जब आप पर्याप्त प्रोटीन लेते हैं तो आपका शरीर बीमारियों के खिलाफ मजबूत प्राकृतिक इम्युनिटी विकसित करते हुए तेजी से ठीक होता है.

4- मांसपेशियों का कम होना और जोड़ों में दर्द
मांसपेशियों के लिए सबसे जरूरी प्रोटीन होता है. जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता तो वह जरूरी कामों के लिए मांसपेशियों के ऊतकों का इस्तेमाल करने लगता है. प्रोटीन की कमी से मांसपेशियों के ऊतकों का टूटना शुरू हो जाता है जिससे मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती है और जोड़ों में दर्द होने लगता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जोड़ों को सपोर्ट देने वाली मांसपेशियां अपनी ताकत खो देती हैं.

ये काफी खतरनाक कंडीशन है क्योंकि इससे शरीर के लिए हिलना-डुलना तक मुश्किल हो जाता है और चोट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए खासकर उम्र बढ़ने या शारीरिक गतिविधियों के दौरान पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन जरूरी है.

शरीर में इसका लेवल बढ़ाने के लिए आपको प्रोटीन रिच फूड्स का सेवन करना चाहिए. अंडे, चिकन, लीन मीट, मछली और डेयरी प्रोहडक्ट्स प्रोटीन का अच्छा सोर्स होते हैं. इसके अलावा प्लांट बेस्ड सोर्सेस में दालें (राजमा, मसूर, मटर), नट्स, बीज और सोया प्रॉडक्ट्स शामिल हैं.

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