आयरन की कमी के चलते शरीर में शरीर में कई तरह की दिक्कत होने लगती है. चलिए आपको बताते हैं कुछ फूड्स के बारे में जो आपको कई बीमारियों से बचाकर रखेंगे.भारत में कम हीमोग्लोबिन की समस्या काफी आम है और इसकी सबसे बड़ी वजह आयरन की कमी मानी जाती है. अक्सर लोग थकान, हल्की सांस फूलना, चक्कर आना या चेहरे का पीला पड़ना जैसे लक्षणों को सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन ये संकेत शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने की ओर इशारा कर सकते हैं. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, भारत में प्रजनन आयु की आधे से अधिक महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं.

हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है. जब इसकी मात्रा कम हो जाती है तो शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. इससे थकान, सांस फूलना, सिरदर्द, चक्कर और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याएं होने लगती हैं. डाइटिशियन वीना वी ने TOI को बताया कि सही खानपान के जरिए शरीर में आयरन की कमी को काफी हद तक सुधारा जा सकता है.आयरन की कमी अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होती है. अनियमित भोजन, साबुत अनाज की जगह ज्यादा प्रोसेस्ड अनाज खाना, हरी सब्जियों का कम सेवन और आयरन के सही एब्जॉर्ब की कमी इसके मुख्य कारण हैं. पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में आसानी से अब्सॉर्प्शन नहीं हो पाता, इसलिए भोजन के सही संयोजन का ध्यान रखना जरूरी होता है.
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और चौलाई आयरन, फोलेट और फाइबर से भरपूर होती हैं. इनका सेवन टमाटर या नींबू जैसे विटामिन-C वाले खाद्य पदार्थों के साथ करने से आयरन का अब्सॉर्प्शन बेहतर होता है. दाल और चना भी आयरन और प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं. दाल में टमाटर डालकर पकाना या चने के साथ कच्चा प्याज और नींबू लेना आयरन के अब्सॉर्प्शन को बढ़ा सकता है.
गुड़ और खजूर भी शरीर को आयरन देने में मदद करते हैं. भोजन के बाद थोड़ा सा गुड़ या सुबह भीगे हुए खजूर खाना फायदेमंद हो सकता है, हालांकि मधुमेह के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए, इसके अलावा कद्दू के बीज और रागी भी आयरन से भरपूर होते हैं. इन्हें सलाद, दही या रोजमर्रा के भोजन में शामिल किया जा सकता है.आयरन लेना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका सही तरीके से अब्सॉर्प्शन होना भी है. नींबू, संतरा, अमरूद और टमाटर जैसे विटामिन-C वाले खाद्य पदार्थ आयरन के अब्सॉर्प्शन को बढ़ाते हैं. वहीं भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से आयरन का अब्सॉर्प्शन कम हो सकता है, इसलिए कम से कम एक घंटे का अंतर रखना बेहतर माना जाता है.


