Health :किडनी को रखना है हेल्दी तो आज ही अपनालें ये उपाय

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किडनी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है. कई लोग इसका पता चलते ही काफी परेशान हो जाते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि आपको किन 8 नियमों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। अक्सर देखा जाता है कि क्रॉनिक बीमारियों के इलाज को कुछ सामान्य टिप्स तक सीमित कर दिया जाता है, जो हर व्यक्ति के लिए कारगर नहीं होते. असल में बीमारी से ज्यादा मरीज का उसके प्रति रवैया और समझ उसके परिणाम को तय करती है. अपोलो हॉस्पिटल, बैनरघट्टा रोड, बेंगलुरु के सीनियर कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत सी. धीरेंद्र के अनुसार किडनी से जुड़ी बीमारियों को समझने और बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए.

ज्यादातर लोग किडनी के काम और उसके महत्व को सही तरह से नहीं समझते. किडनी शरीर के सबसे कम समझे जाने वाले अंगों में से एक है, जबकि यह शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है. इसलिए हर व्यक्ति को किडनी के कार्य और उसकी देखभाल के बारे में जानकारी रखनी चाहिए.आज इंटरनेट पर स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सारी जानकारी उपलब्ध है, लेकिन हर जानकारी सही हो यह जरूरी नहीं. कई बार पड़ोसी, दोस्त या रिश्तेदार भी बिना एक्सपर्ट के सलाह देने लगते हैं, जो नुकसानदेह हो सकती है. इसलिए किडनी से जुड़ी समस्या होने पर केवल योग्य नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह ही माननी चाहिए.

भारत में किडनी फेल होने के दो बड़े कारण डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर हैं. करीब 75 प्रतिशत मरीजों में इन दोनों में से एक या दोनों बीमारियां मौजूद होती हैं. इसलिए जिन लोगों को डायबिटीज या हाई बीपी है, उन्हें साल में कम से कम एक बार किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए.किडनी शरीर में केमिकल संतुलन बनाए रखने का काम करती है, जिससे ब्रेन, हार्ट, लंग्स और लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंग सही तरह से काम कर पाते हैं. अगर किडनी ठीक से काम न करे तो शरीर में पानी जमा होने लगता है, जो फेफड़ों तक पहुंचकर जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है.

किडनी से जुड़ी बीमारी में सबसे अहम लक्ष्य मरीज की अच्छी लाइफ की क्वालिटी बनाए रखना है. शुरुआती चरण में ब्लड शुगर और बीपी को नियंत्रित रखना, सही खानपान और नियमित जांच काफी मददगार होती है. वहीं गंभीर स्थिति में डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट जैसे उपचार की जरूरत पड़ सकती है. सही जानकारी, समय पर जांच और एक्सपर्ट की सलाह से किडनी से जुड़ी समस्याओं को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है और मरीज लंबे समय तक सामान्य जीवन जी सकता है.क्रॉनिक किडनी डिजीज यानी CKD का मतलब है कि किडनी तीन महीने से अधिक समय तक सामान्य से कम काम कर रही है. यह बीमारी आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ती है, इसलिए समय रहते इलाज और सावधानी से इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

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