HEALTH : भारत का पनीर vs West का चीज़, दोनों में किससे मिलेगा ज्यादा प्रोटीन

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पनीर और कॉटेज चीज़ (Cottage Cheese) दोनों ही दूध से बनने वाले और प्रोटीन से भरपूर फूड्स हैं. लेकिन इनकी बनावट, टेस्ट और पोषण अलग-अलग होता है. इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर है कि पनीर भारतीय और चीज़ पश्चिमी खानपान में काफी पॉपुलर है. हालांकि अब भारत में भी चीज़ का सेवन खूब किया जाने लगा है. ऐसे में क्या आपने सोचा है कि दूध से बनने वाले पनीर और चीज में क्या अंतर है, और हेल्थ के लिए किसे खाना ज्यादा अच्छा है. इस खबर में हम आपको यही जानकारी देने जा रहे हैं.

पनीर और कॉटेज चीज़ (Cheese) दोनों ही दूध से बनने वाले और प्रोटीन से भरपूर फूड्स हैं. लेकिन इनकी बनावट, टेस्ट और पोषण अलग-अलग होता है. इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर है कि पनीर भारतीय और चीज़ (Cheese) पश्चिमी खानपान में काफी पॉपुलर है. हालांकि अब भारत में भी चीज़ का सेवन खूब किया जाने लगा है. ऐसे में क्या आपने सोचा है कि दूध से बनने वाले पनीर और चीज में क्या अंतर है और हेल्थ के लिए किसे खाना ज्यादा अच्छा है. इस खबर में हम आपको यही जानकारी देने जा रहे हैं.

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बैलेंस डाइट की जरूरत होती है जिसमें डेयरी प्रॉडक्ट्स अनिवार्य तौर पर शामिल होने चाहिए क्योंकि ये प्रोटीन, विटामिन्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और कैल्शियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जो शरीर के विकास के साथ ही उसे चलाने के लिए भी जरूरी होते हैं. डेयरी प्रॉडक्ट्स में दूध-दही के अलावा पनीर और कॉटेज चीज़ भी काफी पॉपुलर फूड हैं जिनके बारे में अक्सर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं और उन्हें एक ही समझने की भूल कर बैठते हैं.

खासकर भारत में पनीर पारंपरिक व्यंजनों में खूब इस्तेमाल होता है. हालांकि दोनों दूध से बने होते हैं और दोनों में काफी समान पोषक तत्व होते हैं लेकिन उनकी बनावट, बनाने की प्रक्रिया, स्वाद और उपयोग अलग-अलग होता है जो आपकी जुबान के स्वाद और स्वास्थ्य दोनों पर अलग-अलग असर करते हैं. दोनों के बीच के फर्क को समझने से लोगों को अपनी हेल्थ के हिसाब से बेहतर फूड का चुनाव करने में मदद मिल सकती है.

पनीर शादी-पार्टी के मौके पर बनने वाली खास डिशेज में खूब इस्तेमाल होता है. पनीर गर्म दूध को नींबू के रस, सिरके या दही के साथ जमाकर बनाया जाता है. इसके बाद इस मिश्रण को छानकर एक सख्त चीज के नीचे दबाया जाता है जिससे पनीर को टाइट और चबाने योग्य बनावट मिलती है. इसका हल्का स्वाद इसे मसालों को सोखने में मदद करता है ससे यह सब्जियों की करी, पनीर टिक्का या पालक पनीर जैसे ग्रिल्ड व्यंजनों के लिए बेहतरीन बन जाता है.

कॉटेज चीज़ पश्चिमी देशों में बहुत पसंद किया जाता है. चीज़ का टेक्सचर उसके प्रकार के हिसाब से बदलता है जो सख्त से लेकर नरम और क्रीमी तक हो सकता है. इसे आमतौर पर दूध को नींबू के रस, सिरके या साइट्रिक एसिड जैसे अम्लीय पदार्थ से फाड़ लिया जाता है और फिर उसके मिश्रण से चीज़ तैयार होता है. इसके बाद आपको मलाईदार चीज़ मिलता है जिसका उपयोग अक्सर सलाद, स्प्रेड, पास्ता या मिठाइयों में किया जाता है. पनीर के उलट कॉटेज चीज़ में अधिक नमी होती है जिससे इसकी बनावट नरम होती है.

पनीर और कॉटेज चीज़ दोनों ही प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं जो मसल्स और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं. हालांकि पनीर में फैट और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है क्योंकि यह फुल फैट वाले दूध से बना होता है जबकि कॉटेज चीज़ में लो फैट और प्रोटीन थोड़ा ज्यादा होता है. कॉटेज चीज़ की यही खासियत उन लोगों के लिए इसे फेवरेट बना देती है जो प्रोटीन इनटेक से समझौता किए बिना लो फैट वाला डाइट लेना चाहते हैं.

हालांकि पनीर और कॉटेज चीज़ की मुख्य सामग्री दूध ही होती है लेकिन बनावट, बनाने की प्रॉसेस और पोषण में फर्क होता है. इनमें से किसी एक का चुनाव करने के लिए आपको अपने हेल्थ और वजन घटाने के गोल्स पर ध्यान देना होगा. आप चाहें तो डॉक्टर की सलाह पर दोनों का एक-साथ सेवन भी कर सकते हैं जिससे आपको डबल फायदे हो सकते हैं.

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