Helth : महिलाओं की आंखें मांगती हैं हर उम्र में खास देखभाल, जानें आई केयर टिप्स

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हर चरण में हार्मोनल बदलाव और लाइफस्टाइल की आदतें आंखों को प्रभावित कर सकती हैं. सही समय पर जागरूकता और निवारक उपाय अपनाने से गंभीर आंखों की समस्याओं को रोका जा सकता है.महिलाओं की आंखों की देखभाल उनके जीवन के हर चरण में बहुत जरूरी है. प्यूबर्टी, प्रेगनेंसी, मिडल एज और मेनोपॉज हर चरण में हार्मोनल बदलाव और लाइफस्टाइल की आदतें आंखों को प्रभावित कर सकती हैं. सही समय पर जागरूकता और निवारक उपाय अपनाने से गंभीर आंखों की समस्याओं को रोका जा सकता है. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि महिलाओं की आंखें हर उम्र में खास देखभाल क्यों मांगती हैं.

आमतौर पर 12 से 19 साल की उम्र के बीच लड़कियों की आंखें तेजी से बदलती हैं. जिसका मुख्य कारण स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट पर ज्यादा समय बिताना है. ऐसे में डिजिटल आंखों का तनाव, मायोपिया, एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस जैसे संभावित समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच कराएं., धुंधली दूर दृष्टि या बार-बार सिरदर्द पर ध्यान दें.20-20-20 नियम अपनाएं यानी हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें.

20 से 39 की उम्र में लाइफस्टाइल में बदलाव आंखों पर असर डालते हैं. लंबे समय तक काम, स्क्रीन का अधिक उपयोग, कॉन्टैक्ट लेंस. इनसे सूखी आंखें, संक्रमण, गर्भावस्था के दौरान अस्थायी दृष्टि बदलाव जैसे समस्याएं हो सकती है. ऐसे में हर साल आंखों की जांच करवाएं, कॉन्टैक्ट लेंस साफ रखें, स्क्रीन का समय कम करें, सूखी आंखों के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का यूज करें.

40 साल के बाद आंखों की पास की वस्तुओं पर ध्यान देने की क्षमता कम हो जाती है. इसका कारण उम्र और हार्मोनल बदलाव होता है. इससे प्रेसबायोपिया (पढ़ने के लिए चश्मे की जरूरत), आंखों में सूखापन, ग्लूकोमा जैसी संभावित समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच, ग्लूकोमा की नियमित जांच करवाएं, पढ़ने के लिए विशेषज्ञ की सलाह से चश्मा और सूखी आंखों के लिए लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स और ओमेगा-3 से भरपूर आहार लेंमेनोपॉज के बाद हार्मोनल कमी से कई आई प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ जाता है. जैसे मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, उम्र से संबंधित मैकुलर डिजनरेशन (ARMD), गंभीर शुष्क आंखें. ऐसे में हर 6 महीने में आंखों की जांच, दृष्टि में कमी या रोशनी के चारों ओर घेरा दिखाई देने पर ध्यान दें. लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स और पोषक तत्वों (ओमेगा-3, ल्यूटिन, ज़ेक्सैंथिन) का सेवन. बाहर निकलते समय UV प्रोटेक्शन वाले चश्मे पहनें और पर्याप्त पानी पिएं.

हर उम्र में आंखों के स्वास्थ्य के लिए कुछ आदतें बहुत फायदेमंद होती हैं. जैसे नियमित आंखों की जांच, संतुलित आहार और व्यायाम, धूम्रपान से बचें, स्क्रीन टाइम नियंत्रित करें और ब्रेक लें, साथ ही परिवार में आंखों के स्वास्थ्य का इतिहास जानेंमहिलाओं को अपनी आंखों की देखभाल छोटी उम्र से ही शुरू करनी चाहिए. शुरुआती पहचान और समय पर इलाज गंभीर दृष्टि समस्याओं को रोक सकता है. नियमित आदतों और सावधानी से वृद्धावस्था तक दृष्टि बनी रह सकती है।

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