दिल्ली में एक साइबर ठगी का खुलासा हुआ, जहां एक 7वीं पास सब्ज़ीवाले और बैंक मैनेजर ने 9 करोड़ की डिजिटल चोरी को अंजाम दिया. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामले की जांच तेज कर दी है.

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक ऐसे चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है, जिसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती. क्या आप सोच सकते हैं कि एक सब्ज़ी बेचने वाला शख्स, जो कभी 7वीं कक्षा से आगे पढ़ा ही नहीं, वो करोड़ों की कॉर्पोरेट डिजिटल चोरी को अंजाम दे सकता है? और इसमें उसका साथी कोई छोटा-मोटा ठग नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित बैंक का सहायक प्रबंधक निकला.
EOW ने इस सनसनीखेज मामले में दो मुख्य आरोपियों—नितिन डोंगरे और आशीष खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है. इन दोनों ने मिलकर देश की नामी कंपनी L&T SUCG JV के कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट से लगभग 9 करोड़ रुपये चुपचाप उड़ा लिए.
साजिश की शुरुआत जून 2024 में हुई जब नितिन डोंगरे ने L&T SUCG JV का फर्जी कर्मचारी बनकर दिल्ली के Axis बैंक की अध्याचिनी शाखा में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदलवाए. इसके बाद जुलाई में महाराष्ट्र के उस्मानाबाद शाखा से कॉर्पोरेट इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस हासिल किया गया.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बैंक के अंदर ही बैठा एक अफसर, आशीष खंडेलवाल, इस साजिश का हिस्सा था. उसने आरोपी को उस पुराने डोरमेन्ट अकाउंट की जानकारी दी जिसमें बड़ी रकम जमा थी. यही नहीं, खाताधारक के सिग्नेचर सैंपल और पहचान पत्र की फोटोकॉपी भी आरोपियों को उपलब्ध करवाई.
पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन, बैंक ट्रांजेक्शन और ई-कॉमर्स डिलीवरी रिकॉर्ड्स के ज़रिए पुणे के साईंनाथ नगर से नितिन डोंगरे को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया और अपने सहयोगी आशीष का नाम बताया, जिसे 8 अप्रैल को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया.
नितिन डोंगरे पर सब्ज़ी के व्यवसाय में घाटे के कारण महाराष्ट्र के किसानों का कर्ज था. पैसे चुकाने के लिए उसने यह हाई-टेक प्लान तैयार किया. वहीं, आशीष खंडेलवाल ने बैंक की गोपनीयता बेच दी


