हिमाचल प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है. शिक्षकों का कहना है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव कर रही है, जिससे शिक्षा का बुनियादी ढांचा तहस नहस हो जाएगा.

हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हिमाचल में शायद ही कोई सरकारी संगठन बचा हो जो सरकार के खिलाफ न हो, क्योंकि आय दिन हिमाचल में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहें हैं.
शनिवार (25 अप्रैल) को हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने सुक्खू सरकार के खिलाफ चौड़ा मैदान में रोष प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. शिक्षकों ने सरकार को ये चेतावनी भी दे डाली कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो आज से ही संघ क्रमिक अनशन पर बैठ जाएगा.
प्राथमिक अध्यापक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार बदलाव कर रही है, जिसका शिक्षक स्वागत करते हैं, लेकिन प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशालय को मर्ज कर एक अन्य निदेशालय बनाने से शिक्षा में गुणात्मक सुधार के बजाय शिक्षा का बुनियादी ढांचा तहस नहस हो जाएगा. इसको लेकर कई बार सरकार के साथ वार्ता भी हुई है. जिसके परिणाम निराशाजनक ही रहे हैं. ऐसे में अब प्राथमिक शिक्षक विरोध करने को मजबूर हैं.
जगदीश शर्मा ने आगे कहा कि सरकार उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है लेकिन शिक्षक अब पीछे नहीं हटेंगे. भले ही सरकार उन्हें सस्पेंड या निलंबित क्यों न कर दे. शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए ही 1984 के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बनाया गया था जिसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने बड़े आयाम स्थापित किए हैं. इसके अलावा शिक्षक अन्य लंबित मांगों को लेकर भी विरोध जाता रहें हैं.
शुक्रवार (24 अप्रैल) को प्रदर्शन की चेतावनी के बीच सरकार ने शिक्षक संघ को नोटिस जारी किया था. शिक्षा सचिव राकेश कंवर की की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अगर शिक्षकों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया तो इसे मिस कंडक्ट माना जाएगा. उन्होंने नियोजित आंदोलन को गंभीर कदाचार और केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 का उल्लंघन भी बताया था.शिक्षा सचिव की ओर से प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा और महासचिव संजय को नोटिस जारी किया था.
इससे पहले 16 अप्रैल 2025 को शिक्षक संघ ने सरकार को हाल ही में शिक्षा निदेशालयों के हुए प्रशासनिक पुनर्गठन का विरोध स्वरूप धरने का नोटिस दिया था. इसके जवाब में शिक्षा सचिव ने कहा कि विरोध नोटिस जारी करने का कार्य सीसीएस आचरण नियमों के नियम 7 के अनुसार कदाचार के अंतर्गत आता है. ऐसे में विरोध करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है.

