शिमला विंटर कार्निवाल के दौरान एचआरटीसी पर मुनाफे की बर्फबारी हुई है। विंटर कार्निवाल एचआरटीसी को 10 दिन में करीब 7 लाख रुपए का मुनाफा करवा गया। निगम ने 10 दिनों के बीच 6 लाख 96 हजार 360 रुपए की कमाई की है। यह कमाई निगम को कार्निवाल के दौरान स्पैशल बसें व स्पैशल टैक्सियां चलाने से हुई। यह पहली बार है जब कार्निवाल के दौरान बर्फबारी व शोक के कारण कार्निवाल बंद रहने के बाद भी निगम ने यह कमाई की है।

शिमला शहर में 24 दिसम्बर से कार्निवाल शुरू हुआ था, लेकिन 27 दिसम्बर से 1 जनवरी तक पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह के देहांत के चलते शोक में कार्निवाल बंद था। 2 जनवरी से लेकर 8 जनवरी तक फिर से विंटर कार्निवाल चला। इस दौरान निगम ने लगातार देर रात तक उपनगरों से लोगों को शिमला कार्निवाल देखने के लिए पहुंचाया और सेवाएं दीं। ऐसे में निगम ने यह कमाई की है। इससे निगम के राजस्व में बढ़ौतरी हुई है। आरएम शिमला एचआरटीसी अंकुर वर्मा ने कहा कि कार्निवाल के दौरान शिमला शहर व उपनगरों से स्पैशल टैक्सी सेवा चलाई गई थी। इस दौरान निगम को 6 लाख 96 हजार 360 रुपए की कमाई हुई है।
हीरानगर से पहली बार चली स्पैशल सेवा
कार्निवाल के लिए निगम ने पहली बार शिमला ग्रामीण क्षेत्र हीरानगर से भी स्पैशल टैक्सी सेवा चलाई थी, जिससे शिमला ग्रामीण से लोग शिमला कार्निवाल देखने पहुंचे, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने निगम प्रबंधन से मांग की है कि भविष्य में रिज पर प्रशासन की ओर किसी भी इस तरह के बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाए तो यह स्पैशल सेवा चलाई जाए।
शिवनगर-टुटू टैक्सी सेवा का समय बढ़ाने की मांग
कार्निवाल के बाद शिवनगर-टुटू के स्थानीय लोगों ने शिवनगर-टुटू सीटीओ टैक्सी सेवा के समय को शाम 7 या 7.20 पर सीटीओ से चलाने की मांग की है। मौजूदा समय में 5.30 बजे सीटीओ से टैक्सी चलने का अंतिम समय है, लेकिन कार्निवाल के दौरान यह टैक्सी शाम 7.15 बजे और रात 10 बजे तक चलती रही। ऐसे में लोगों ने मांग की है कि इस सेवा को सीटीओ से शाम 7 बजे के करीब किया जाए, ताकि लोगोंं को सुविधा मिल सके।


