समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने गुरुवार को कहा कि वह राणा सांगा पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि इतिहास को नकारा नहीं जा सकता. उन्होंने ये भी बताया कि मैंने राज्यसभा के सभापति से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया है. इसी बीच सपा ने इस मामले में कार्रवाई न होने पर ईद के बाद पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है.

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हमले के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमाता जाता रहा है. इसी बीच सपा ने ईद के बाद पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है. साथ ही सपा सांसद ने राणा सांगा पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया है और कहा कि इतिहास को नकारा नहीं जा सकता. हालांकि, उन्होंने सभापति से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.
सांसद ने गुरुवार को कहा, ‘मैं इस जन्म में माफी नहीं मांगूंगा, मुझे अगले जन्म का पता नहीं है.’ यह बात उनके घर पर करणी सेना के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर किए गए हमले के एक दिन बाद कही हैं.’
उन्होंने कहा, ‘उन्हें सच स्वीकार करना सीखना होगा. बाबर को राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए आमंत्रित किया था. उन्हें ये गलतफहमी थी कि बाबर एक लुटेरा है और वह वापस चला जाएगा और हम शासन करेंगे.’
उन्होंने कहा, ‘ये समझौता हुआ था कि राणा सांगा आगरा पर हमला करेंगे. जब उनका समझौता टूट गया तो फतेहपुर सीकरी में उनका युद्ध हुआ. राणा सांगा ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी, लेकिन हार गए. ये इतिहास है, इसे कौन नकार सकता है?’
सुमन ने ये भी कहा कि हमलावरों का इरादा उनके परिवार को नुकसान पहुंचाना था. उन्होंने कहा, ‘मैंने राज्यसभा के सभापति से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया. मुझे सुरक्षा चाहिए. मैंने उन्हें बताया कि 22 मार्च से सोशल मीडिया के जरिए धमकियां दी जा रही थीं और कल वे बुलडोजर लेकर मेरे घर आ गए.’
दरअसल, बीते दिनों सपा सांसद ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि राणा सांगा एक गद्दार था, जिसने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को लाया था. राणा सांगा या संग्राम सिंह प्रथम 1508 से 1528 तक मेवाड़ के शासक थे.बता दें कि करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को हरीपर्वत चौराहे के पास स्थित सांसद के घर में तोड़फोड़ की. घर के बाहर खड़ी कई कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, कुर्सियां तोड़ दीं और घर की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए.
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भीड़ से भिड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. जबकि भीड़ पॉश इलाके में उत्पात मचा रही है. इस दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया है. आगरा पुलिस ने सांसद के आवास पर हमला होने के एक दिन बाद गुरुवार को एक अज्ञात भीड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
इसके इतर करणी सेना के प्रमुख सूरज पाल सिंह अमू ने कहा कि इस टिप्पणी से मुगलों को हराने वाले नायक का अपमान हुआ है. उन्होंने सुमन और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से माफी मांगने की मांग की है.वहीं, बढ़ते विवाद के बीच करणी सेना ने गुरुवार को लखनऊ के हजरतगंज थाने में सपा सांसद रामजी लाल सुमन पर FIR दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है.
इसी बीच सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा, हम सरकार को हिला देंगे… यदि रामजीलाल सुमन के घर पर हमला करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो ईद के बाद प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा. सामंतवादी ताकतों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा… क्या रामजीलाल सुमन की जगह उनके समाज का कोई होता तो वे हमला करते? रामजीलाल सुमन के घर पर हमला करना पूरे दलित समाज पर हमला है.
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