दिग्विजय सिंह ने महंगाई, सरकारी सुविधाओं के बंद होने और आम जनता की बचत में कमी पर सवाल उठाए. उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के जज के घर से नोट मिलने की घटना पर भी बयान दिया है.

मध्य प्रदेश सरकार ने इस साल 4.20 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसको लेकर अब कांग्रेस के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह हमलावर हैं. बढ़ रही महंगाई पर उन्होंने सरकार पर तंज कसा है. दिग्विजय सिंह ने कहा, “वो चीजें, जो हमारे भोजन का हिस्सा हैं, सब पर महंगाई बढ़ी है. पेट्रोल-डीजल भी महंगा हो गया है.”
दिग्विजय सिंह ने सरकारी सुविधाओं को बंद करने का आरोप लगाया और कहा, “पढ़ाई महंगी हो गई. सरकारी स्कूल बंद हो गए और प्राइवेट स्कूल खुल गए. गरीबों को फीस जमा करनी पड़ रही है. सरकार अस्पताल में डॉक्टर और नर्स नहीं हैं, इलाज नहीं होता. प्राइवेट में जाओ तो भारी फीस देनी पड़ती है.”
वहीं, कांग्रेस सांसद ने कहा कि आम आदमी अब बचत नहीं कर सकता. उन्होंने कहा, “पूरी तरीके से आज बचत घटती जा रही है और गरीब और मजदूर लोगों को परेशानी हो रही है. आज नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी खड़ी हो गई हैं जो कर्जा तो तुरंत दे देते हैं, लेकिन चक्रवर्ती ब्याज वसूलते हैं. अगर तीन साल के लिए एक लाख रुपये देने हैं तो पहले 36 महीने का ब्याज जोड़ लेते हैं. एक लाख बोलकर, पहले 10 हजार काटते हैं और 90 हजार रुपये ही देते हैं. फिर चक्रवर्ती ब्याज लेते हैं.”
दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर में आग लगने के बाद बड़ी मात्रा में कैश होने की खबर सामने आई थी. इसपर भी दिग्विजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा, “चौंकाने वाली बात है कि एक माननीय जज साहब के घर में आग लगती है. वहां फायर ब्रिगेड आकर आग बुझाती है और अधिकारी थाने में आकर रिपोर्ट करते हैं कि वहां नोटों की भरमार है. अब फायर ब्रिगेड के अधिकारी ही कह रहे हैं कि कोई पैसा ही नहीं मिला. कितना डर का माहौल है.”
“सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने संज्ञान लेकर उनका तबादला किया, लेकिन आज तक आदेश नहीं निकला. कोई थानेदार अगर चोरा या भ्रष्टाचार करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसको लाइन हाजिर कर देते हैं. उसको निलंबित नहीं करते या मुकदमा कायम नहीं करते. अगर हममें से किसी के घर में यह हो जाता तो ईडी, सीबीआई और आईटी लाकर खड़ा कर देते और हम लोग जेल में होते.”


