MP : MP के श्योपुर में दलित का अंतिम संस्कार रोकने पर पथराव, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम, प्रशासन के छूटे पसीने

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श्योपुर में दबंगों ने एक मृतक दलित के शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया. इस दौरान दबंगों और दलितों के बीच जमकर पथराव भी हुआ. घटना से नाराज दलितों ने श्योपुर-मुरैना मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया. जाम की वजह से मौके पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं.

मध्य प्रदेश के श्योपुर में दबंगों ने एक मृतक दलित के शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया. इस दौरान दबंगों और दलितों के बीच जमकर पथराव भी हुआ. घटना से नाराज दलितों ने श्योपुर-मुरैना मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया. जाम की वजह से मौके पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं. प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची, जिन्होंने समझाइश देकर करीब 5 घंटे के बाद मामले को शांत कराया और शव का दाह संस्कार करवाया. उधर, कांग्रेस पार्टी भी दलितों के समर्थन में आ गई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

मामला जिले के वीरपुर थाना इलाके के लीलधा गांव का है, जहां के रहने वाले एक मजदूर जगदीश की मौत केरल में किसी कारण से हो गई थी. सोमवार को सुबह मृतक का शव उसके गांव लाया गया. जब शव के अंतिम संस्कार की बारी आई, तो दबंगों ने दलितों को अंतिम संस्कार करने से रोक दिया. इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि दलितों के शांति धाम की जगह रेलवे लाइन के काम में चली गई थी. प्रशासन ने वहां से कुछ दूरी पर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए जमीन आवंटित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौजूदा हालात में वे एक सरकारी जमीन पर अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे. वहां पर रावत समाज के दबंगों का कब्जा था, जिन्होंने न सिर्फ दलितों को अंतिम संस्कार करने से रोका, बल्कि उन पर पथराव भी कर दिया. दलितों ने जवाब में पथराव किया.

गनीमत रही कि दोनों तरफ से कोई हताहत नहीं हुआ. अब करीब 2 घंटे तक मौके पर चक्काजाम रहा. दलितों की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उक्त सरकारी जमीन को शांति धाम के लिए आवंटित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने.

ग्रामीण सुरेश जाटव ने आरोप लगाते हुए कहा कि पटवारी द्वारा अंतिम संस्कार के लिए जगह दी गई थी, परंतु रावत समाज के लोग हमें अंतिम संस्कार करने से रोक रहे हैं. उस जगह पर हमें अंतिम संस्कार करने नहीं दिया जा रहा है. जब तक हमें जगह नहीं मिलेगी, तब तक हम चक्काजाम से नहीं हटेंगे. यह सरकारी जमीन है और रावत समाज का कोई भी पट्टा नहीं है. इस मामले की शिकायत हमने पटवारी और तहसीलदार से भी की है. प्रशासन ने हमें आश्वासन दिया कि हमने जगह दे दी है और आप वहीं पर अंतिम संस्कार करें, लेकिन हमें अंतिम संस्कार करने से रोका जा रहा है.

श्योपुर एसपी वीरेंद्र जैन का कहना है कि शांति धाम की जगह रेलवे में चली गई है. जाटव समाज के एक व्यक्ति की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ है. मौके पर एसडीएम और एसडीओपी पहुंचे हैं. समझाइश दी गई है. मामला शांतिपूर्ण है.विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने कहा, मैंने कलेक्टर और एसपी से बात की है. ऐसी घटनाएं समाज में विभाजन पैदा करती हैं. विधायक ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने कहा कि विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के वीरपुर ब्लॉक से नफरत की एक और चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आ रही है. आरोप है कि चुनावी हार से बौखलाए रामनिवास रावत समर्थित गुंडे जाटव समुदाय के लोगों को अंत्येष्टि नहीं करने दे रहे हैं. सरकारी गुंडागर्दी से वंचित वर्ग का उत्पीड़न मध्य प्रदेश की पहचान बन चुका है, लेकिन बेशर्म सरकार अपनी आपराधिक चुप्पी पर कायम है.

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