साउथ मुंबई कंपनी के मैनेजर ने कंपनी के 77 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की. उसने तीन साल तक ग्राहकों से पैसे लिए, लेकिन इसकी जानकारी कंपनी मालिक को नहीं दी.

दक्षिण मुंबई स्थित एक पेपर बॉक्स कंपनी के मालिक ने अपने ही मैनेजर के खिलाफ कंपनी के पैसों की हेराफेरी करने और कंपनी से 77 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के मामले में FIR दर्ज करवाई है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मैनेजर कंपनी में पिछले 3 साल से हेराफेरी कर रहा था और इसकी भनक तक नहीं लगने दी. यह मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता मालिक कर्ज में डूब गया और अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ हो गया.
पुलिस ने अनुसार, शिकायतकर्ता 45 वर्षीय व्यापारी है और मझगांव में रहता है. उसने अपना बिजनेस करीब 20 साल पहले शुरू किया था. पढ़ाई लिखाई कम होने के नाते उसने कंपनी के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी मैनेजर के कंधों पर रख दी. व्यापारी ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि फाइनांशियल दिक्कतों के चलते उसे अपना बैंक अकाउंट बंद करना पड़ा था. अक्टूबर 2022 में उसने मैनेजर के नाम पर नया अकाउंट खुलवाया और उसका उपयोग बिजनेस में लेनदेन के लिए किया.
पुलिस ने आगे बताया कि 20 साल से साथ में काम करने की वजह से शिकायतकर्ता अपने मैनेजर पर बहुत ही ज्यादा ही भरोसा करता था. इसी कारण उसने उसके नाम पर बैंक अकाउंट खुलवाने में हिचकिचाहट नहीं की.दिसंबर 2022 में बिजनेसमैन को अकाउंट में 60,000 रुपये की गड़बड़ी नजर आई थी, नवंबर 2024 में जब मैनेजर उत्तर प्रदेश में अपने परिवार से मिलने गया, तब शिकायतकर्ता ने ग्राहकों से सीधे संपर्क करना शुरू किया. तभी उसे पता चला कि मैनेजर ने सभी ग्राहकों से पैसे लिए लेकिन उसे कोई जानकारी नहीं दी.
व्यापारी ने पुलिस को अपने बयान में आगे बताया कि बैंक स्टेटमेंट में कोई एंट्री नहीं थी, क्योंकि मैनेजर ने व्यापारी से कहा था कि ग्राहक भुगतान नहीं कर रहे हैं. बाद में व्यापारी ने पाया कि मैनेजर ने एक ग्राहक से 52 लाख, दूसरे से 27 लाख, अन्य से 3.4 लाख, 2.5 लाख और 2.4 लाख रुपये लिए थे.


