भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही बड़ी ट्रेड डील शुरू होने वाली है। इससे पहले दोनों देशों के बीच भारत में 1 से 4 जून के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस डील के बारे में हाल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिए थे।
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच अगले दौर की द्विपक्षीय वार्ता 1 से 4 जून 2026 तक भारत में होने जा रही है। इस चार दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच प्रस्तावित अंतरिम समझौते की बारीकियों को फाइनल करना और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाना है।
यह घटनाक्रम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस बयान के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देश व्यापार समझौते के बिल्कुल अंतिम विवरणों पर काम कर रहे हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि यह डील आने वाले कुछ हफ्तों में फाइनल हो जाएगी।

बैठक में इन 5 मुद्दों पर होगी चर्चा
भारत आ रही अमेरिकी मुख्य वार्ताकार (Chief Negotiator) की अगुवाई वाली टीम और भारतीय अधिकारियों के बीच होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इन मुद्दों में ये प्रमुख हैं:
- बाजार तक पहुंच: दोनों देशों के उत्पादों को एक-दूसरे के बाजारों में आसान एंट्री दिलाना।
- गैर-टैरिफ उपाय: व्यापार में आने वाली उन तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना जो टैक्स (टैरिफ) के दायरे में नहीं आतीं।
- कस्टम और व्यापार सुगमीकरण: सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को आसान और डिजिटल बनाना ताकि माल की आवाजाही तेजी से हो सके।
- निवेश प्रोत्साहन: दोनों देशों के बीच नए निवेश और कॉर्पोरेट पार्टनरशिप के अवसरों को बढ़ाना।
- आर्थिक सुरक्षा समन्वय: बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच दोनों महाशक्तियों की आर्थिक सुरक्षा को एक सुर में लाना।
कब तक हो सकती है डील?
अपने भारत दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को इस डील को लेकर काफी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह समझौता अगले हफ्ते या उसके बाद वाले हफ्ते में हो जाएगा। हम बिल्कुल अंतिम बारीकियों पर चर्चा कर रहे हैं। मेरे पास आशान्वित होने की पूरी वजह है कि हम एक बड़े व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं।’
यह समझौता सिर्फ टैरिफ के बारे में नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच निवेश को मजबूत करने और भविष्य में मिलकर काम करने के लिए स्थितियां तैयार करने के बारे में है।
भारत और अमेरिका के बीच इस बड़ी डील की नींव 7 फरवरी 2026 को पड़ी थी। उस समय दोनों देशों ने आपसी और समान लाभ वाले व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर संयुक्त बयान जारी किया था।

