NATIONAL : भारत का लड़का, पाकिस्तान की लड़की, तय हो गई थी शादी लेकिन अटारी-वाघा बॉर्डर पर अटकी बात

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद अटारी-वाघा बॉर्डर बदं कर दिया गया. इस बीच राजस्थान के एक दूल्हे की शादी में अड़चन आ गई. दरअसल, राजस्थान के शैतान सिंह की सगाई चार साल पहले पाकिस्तान के सिंध प्रांत की केसर कंवर से हुई थी. चूंकि दूल्हे का परिवार वीजा पाने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहा था, सीमा पार की इस शादी में एक और बाधा तब आई जब सरकार ने गुरुवार को अटारी सीमा बंद कर दी.

अपनी शादी की पोशाक तैयार करने और 30 अप्रैल को पाकिस्तान के अमरकोट शहर में शादी करने के लिए सभी तैयारियों के साथ, सिंह अपने परिवार और ‘बारात’ के साथ मंगलवार (22 अप्रैल) को बाड़मेर जिले से अटारी सीमा के लिए निकले, लेकिन जब तक वे वहां पहुंचे, अधिकारियों ने उन्हें सीमा पार करने से मना कर दिया क्योंकि भारत ने बुधवार को दुखद पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के तहत अटारी-वाघा सीमा को तत्काल बंद करने का आदेश दिया.

शैतान सिंह ने कहा, “हमने इस दिन का लंबे समय से इंतजार किया है. वर्षों के प्रयासों के बाद उन्हें, उनके पिता और उनके भाई को हाल ही में 18 फरवरी को वीजा दिया गया. पाकिस्तान से हमारे रिश्तेदार यहां आए थे, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा. हम बहुत निराश हैं. आतंकी हमलों से बहुत नुकसान होता है. रिश्ते खराब हो जाते हैं. सीमा पर आवाजाही बंद हो जाती है.”

बाड़मेर जिले के इंद्रोई गांव के निवासी सिंह का वीजा 12 मई तक वैध है, जिससे परिवारों को उम्मीद है कि अगर सीमा समय पर खुलती है तो शादी हो सकती है. दूल्हे ने कहा, “आतंकवादियों ने जो भी किया वह गलत था. शादी में बाधा उत्पन्न हुई है. क्या करें? यह सीमाओं का मामला है.”

सीमा पार विवाह पारिवारिक संबंधों के माध्यम से तय किया गया था, जो सोधा राजपूत समुदाय के बीच एक आम प्रथा है, जिसकी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अच्छी खासी आबादी है. उनमें से कई समुदाय के भीतर ही विवाह करना पसंद करते हैं और अक्सर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए सीमा पार से विवाह की तलाश करते हैं.

शैतान सिंह पाकिस्तान में रिश्तेदारों वाले इस क्षेत्र के कई लोगों में से एक हैं. फिलहाल, उनका परिवार इस उम्मीद में इंतजार कर रहा है कि स्थिति सुधरेगी और शादी के लिए समय पर सीमा फिर से खुलेगी.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले 26 लोगों की जान चली गई. इसके बाद भारत ने
पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम कर दिया, जिसमें 26 लोग, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट की बैठक में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करना, पाकिस्तानी नागरिकों की वीजा सेवाओं को रद्द करना और अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल बंद करना शामिल है.

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