इस युद्ध में पाकिस्तान ही नहीं, उसके दोस्तों ने भी अपनी असलियत दिखा दी, इसीलिए सरकार ने भारत में तुर्किए के सरकारी न्यूज चैनल TRT WORLD का एक्स अकाउंट बंद करवा दिया है, ताकि वो भ्रम ना फैला पाए. इस कदम को भारत की नाराजगी के तौर पर देखा गया है. भारत सरकार ने अपने स्तर पर तुर्किए और अजरबैजान को एक संदेश देने की कोशिश कर रही है.

भारत-पाकिस्तान के 4 दिन के युद्ध में दुश्मन देशों के चेहरे उजागर हो गए हैं. इस युद्ध में तुर्की, अजरबैजान और चीन ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया है. इन तीनों देशों ने पाकिस्तानी आतंकवाद पर अपने दोहरे चरित्र का प्रदर्शन किया. सबसे ज्यादा शर्मनाक हरकत तो तुर्किए ने की. तुर्किए ने अपने ड्रोन्स से पाकिस्तान की मदद की और भारत के खिलाफ बड़ी साजिश की है. हालांकि, भारतीय सैलानियों और ट्रैवल एजेंसियों ने तुर्किए और अजरबैजान पर ‘टूरिज़्म स्ट्राइक’ कर दी है.
आंकड़े देखें तो इन दोनों देशों में जाकर भारतीय पर्यटक हर साल करोड़ों रुपए लुटाते हैं. पिछले साल ही तुर्किए और अजरबैजान में भारतीय सैलानियों ने 4 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए थे. प्रति व्यक्ति के लिहाज से देखें तो इन दोनों देशों में भारतीय सैलानियों ने 1 लाख रुपये खर्च किया है.दरअसल, इस युद्ध में पाकिस्तान ही नहीं, उसके दोस्तों ने भी अपनी असलियत दिखा दी, इसीलिए सरकार ने भारत में तुर्किए के सरकारी न्यूज चैनल TRT WORLD का एक्स अकाउंट बंद करवा दिया है, ताकि वो भ्रम ना फैला पाए. इस कदम को भारत की नाराजगी के तौर पर देखा गया है. भारत सरकार ने अपने स्तर पर तुर्किए और अजरबैजान को एक संदेश देने की कोशिश कर रही है, इधर, भारत के लोग भी पाकिस्तान के दोस्तों पर हमला बोल चुके हैं.
इस वक्त सोशल मीडिया पर बायकॉट तुर्किए और बायकॉट अजरबैजान टॉप ट्रेंडिंग में चल रहा है. यानी लोगों ने तय कर लिया है कि वो भारत के दुश्मनों का साथ देने वाले देशों में पैसा बर्बाद नहीं करेंगे. ट्रैवल एजेंसीज ने भी तुर्किए और अजरबैजान के लिए बुकिंग बंद कर दी है.
ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि भारतीयों का पैसा एक ऐसे देश पर खर्च नहीं होना चाहिए, जो भारत के खिलाफ हैं. तुर्किए, अजरबैजान के बजाए भारतीय सैलानियों को ग्रीस, और अर्मेनिया जैसे देशों की सैर करने की सलाह दी गई है और इसके अच्छे ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं.
भारतीयों के बीच तुर्किए और अजरबैजान को लेकर पनपा गुस्सा इन देशों के लिए कितना घाटे का सौदा साबित होने वाला है. बड़ी संख्या में भारतीय सैलानी तुर्किए और अजरबैजान घूमने के लिए जाते हैं और अपने लाखों रुपये इन देशों में खर्च करते हैं.
साल 2024 में 3 लाख 30 हजार से ज्यादा भारतीय, तुर्किए में छुट्टियां मनाने गए थे. जबकि साल 2023 में ये संख्या 2 लाख 74 हजार थी. यानी 1 साल में तुर्किए जाने वाले भारतीय सैलानियों की संख्या में करीब 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.इसी तरह से पिछले साल 2 लाख 43 हजार से ज्यादा भारतीय अजरबैजान घूमने गए थे. जबकि 2023 में ये संख्या करीब 1 लाख 20 हजार थी. यानी एक साल में अजरबैजान जाने वाले सैलानियों की संख्या में करीब 108 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. तुर्किए और अजरबैजान जाने वाले भारतीय घूमने फिरने पर लाखों रुपये खर्च करते हैं# एक डेटा बताता है कि तुर्किए और अजरबैजान में भारतीय सैलानी औसतन 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति खर्च तक करते हैं और इस तरह से पिछले साल इन दोनों देशों में भारत के लोगों ने करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
तुर्किए और अजरबैजान को भारत के लोग टूरिज्म के नाम पर 4 हजार करोड़ रुपये सालाना दे रहे हैं और ये दोनों देश पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं और पाकिस्तान, उनकी मदद के दम पर भारतीयों का खून बहा रहा है, लेकिन भारत के लोगों के इस कदम से तुर्किए और अजरबैजान के टूरिज्म को झटका लगा है.
7 मई के बाद से तुर्किए जाने वाले पर्यटकों में 22 से 60 प्रतिशत तक और अजरबैजान जाने वाले पर्यटकों में 30 प्रतिशत तक की कमी आई है. सिर्फ यही नहीं जिन लोगों ने तुर्किए और अजरबैजान की ट्रैवल बुकिंग करवा ली थी, वो इसे कैंसिल करवाने लगे हैं. 7 मई के बाद अब तक तुर्किए और अजरबैजान की बुकिंग कैंसिलेशन में 250 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
यानी भारतीयों ने ठान लिया है कि वो अब अपने पैसे तुर्किेए और अजरबैजान से भारत विरोधी देशों पर खर्च नहीं करेंगे. तुर्किए और अजरबैजान पर केवल टूरिज्म स्ट्राइक ही नहीं हुई है, बल्कि अब तैयारी है उसे बड़ी आर्थिक चोट पहुंचाने की. भारतीय ट्रेडर्स ने तुर्किए और अजरबैजान के प्रोडक्ट्स का बायकॉट करना शुरू कर दिया है.


