इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में हनी ट्रैप का मामला सामने आया, जहां तलाक विवाद में कानूनी सलाह लेने आई महिला ने कथित रूप से एक वकील को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल किया. आरोप है कि उसने फर्जी वीडियो और झूठे केस की धमकी देकर लाखों रुपये मांगे. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया, जबकि दो साथी फरार हैं. जांच में सामने आया कि वह इंस्टाग्राम रील के जरिए लोगों से जुड़ती थी. पुलिस नेटवर्क की जांच कर रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
प्यार, भरोसा और नजदीकी का रिश्ता… और फिर उसी के जरिए बिछाया गया जाल. हनी ट्रैप के मामलों में अक्सर शिकार को देर से समझ आता है कि वह फंस चुका है. तब तक या तो उसे भारी नुकसान हो चुका होता है या वह मदद के लिए पुलिस तक पहुंचता है. इंदौर में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक वकील एक महिला के जाल में इस तरह उलझे कि उनका पूरा कानूनी अनुभव बेअसर साबित हुआ. आइए समझते हैं पूरी कहानी.
यह मामला इंदौर के बाणगंगा थाना इलाके का है. एक महिला अपने पूर्व पति से चल रहे तलाक विवाद के सिलसिले में कानूनी सलाह लेने वकील के पास पहुंची. उसने मदद मांगी तो वकील ने केस की जानकारी लेकर बातचीत शुरू की. धीरे-धीरे संपर्क बढ़ा. इसी दौरान महिला ने अपने वर्तमान पति और उसके कुछ साथियों को भी बातचीत के दायरे में जोड़ दिया. कुछ समय बाद वकील पर दबाव बनाया जाने लगा.

शिकायत के अनुसार महिला ने फोन पर फर्जी वीडियो तैयार करने की बात कही और उसी आधार पर वकील को डराना शुरू किया. इसके बाद महिला और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर ब्लैकमेल करते हुए लाखों रुपये की मांग रखी. लगातार धमकियों और दबाव से परेशान होकर वकील ने आखिरकार पुलिस से शिकायत की. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि महिला पहले दो शादियां कर चुकी है और उस पर पहले भी ऐसे आरोप लग चुके हैं.
जांच में यह भी पता चला कि महिला सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी. वह इंस्टाग्राम पर रील बनाकर लोगों से जुड़ती थी और उनसे संपर्क बढ़ाती थी. पुलिस को आशंका है कि इसी तरीके से और लोगों को भी निशाना बनाया गया हो सकता है. फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ जारी है, जबकि उसके दो साथी फरार बताए जा रहे हैं. उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है.
पुलिस के मुताबिक महिला ने वकील को झूठे केस में फंसाने और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी. बदले में मोटी रकम मांगी गई. जब पैसे देने से इनकार किया गया तो दबाव और बढ़ा दिया गया. लगातार ब्लैकमेलिंग से तंग आकर वकील ने पुलिस की मदद ली. तकनीकी जांच और जुटाए गए सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की गई. पुलिस ने लोगों को सावधान रहने, अनजान लोगों से ऑनलाइन बातचीत में सतर्कता बरतने और किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग की सूचना तुरंत देने की सलाह दी है. यह मामला सोशल मीडिया के जरिए होने वाले हनी ट्रैप के खतरे को फिर सामने लाता है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

