Jammu Kashmir news : ‘ईरान भारत का हर मौसम का दोस्त.’, पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भारत सरकार से किया ये आग्रह

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पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर और ईरान के संबंधों का जिक्र करते हुए कश्मीर के उन लोगों की सराहना की, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीकों से ईरान के पक्ष में आवाज उठाई. पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को भारत सरकार से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष पर अपने रुख की समीक्षा करने और ईरान का समर्थन करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि ईरान भारत के लोगों का हर मौसम का दोस्त रहा है. कश्मीर और ईरान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए, महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के उन लोगों की सराहना की, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीकों से अपना समर्थन जाहिर करके ईरान के पक्ष में आवाज उठाई.

मौजूदा हालात की समीक्षा के लिए पार्टी की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘इस्लाम ईरान के रास्ते कश्मीर आया, जो इन दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को उजागर करता है. इसलिए, एक भावनात्मक जुड़ाव है, जिसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता.’

कश्मीर और ईरान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन संबंधों ने घाटी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को आकार दिया है. उन्होंने मौजूदा संकट के बीच ईरान के लोगों के साथ एकजुटता जाहिर की और कहा कि कश्मीर के लोग हमेशा करुणा और समर्थन के साथ उनके साथ खड़े रहे हैं. महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘पार्टी ने एक प्रस्ताव पारित कर ईरान के लोगों के साथ मजबूत एकजुटता जाहिर की है, जो अमेरिका और इजरायल के हमलों का बहादुरी से सामना कर रहे हैं.’ महबूबा मुफ्ती ने लोगों से ईरान के लोगों की शांति, सुरक्षा और राहत के लिए विशेष प्रार्थना करने का भी आग्रह किया, खासकर रमजान के पवित्र महीने के आखिरी दिनों में. महबूबा मुफ्ती ने मुस्लिम देशों से इस मुश्किल समय में ईरान को समर्थन देने की अपील की.

भारत सरकार से अपील करते हुए, PDP अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि ऐतिहासिक रूप से, मुश्किल दौर में ईरान हमेशा नई दिल्ली का एक भरोसेमंद दोस्त रहा है, और उन्होंने केंद्र सरकार से ईरानी लोगों के साथ खड़े होने का आग्रह किया. उपराज्यपाल और पुलिस महानिदेशक से एक अलग अपील में, PDP अध्यक्ष ने उन युवाओं को रिहा करने का अनुरोध किया, जिन्हें ईरान संकट से संबंधित हालिया शोक जुलूसों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया गया था. यह बैठक ईरान के शीर्ष नेतृत्व की हालिया हमलों में हुई हत्या के बाद कश्मीर में व्यापक प्रतिक्रियाओं के बीच हुई है, जिसके चलते पूरी घाटी में विरोध प्रदर्शन और शोक सभाएं आयोजित की गईं.

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द किए जाने का स्वागत करते हुए, मुफ्ती ने कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है, हालांकि ऐसा कदम शुरू में उठाया ही नहीं जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि वांगचुक पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर काम कर रहे थे और भारत सरकार के करीबी थे. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जेल में बंद अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह के परिवार की लंबी लड़ाई आखिरकार रंग लाई है, उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने उनकी रिहाई के लिए कानूनी तौर पर काफी संघर्ष किया. मुफ्ती ने आगे कहा कि जहां कुछ लोग राहत पाने के लिए अदालतों का रुख कर पाते हैं, वहीं कई आर्थिक रूप से कमजोर कैदी कानूनी लड़ाइयों का खर्च नहीं उठा पाते और वे भी ध्यान और न्याय के हकदार हैं.

महबूबा ने कहा, ‘हर कोई सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकता. जेलों में हजारों बेकसूर लोग बंद हैं जो कानूनी लड़ाई का भारी खर्च नहीं उठा सकते. सद्भावना के तौर पर ऐसे सभी राजनीतिक कैदियों को भी रिहा किया जाना चाहिए.’

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