करवा चौथ पर केवल पत्नियों को ही नहीं बल्कि पतियों को भी कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए. इन नियमों की अनदेखी करने पर वैवाहिक जीवन में कई समस्याएं हो सकती है. कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं. यह व्रत पति-पत्नी के वैवाहिक रिश्ते की डोर को और भी मजबूत बनाता है.
इस साल 2025 में करवा चौथ का व्रत-पूजन शुक्रवार 10 अक्टूबर को किया जाएगा. वहीं रात्रि में चंद्रदोय का समय 8 बजकर 13 मिनट (Karwa Chauth Moonrise Time) रहेगा. करवा चौथ पर महिला व्रत रखने के साथ ही कई नियमों का पालन भी करती हैं, जिससे कि जाने-अनजाने में भी कोई भूल न हो और व्रत अच्छी तरह सफल रहे.

इसी तरह करवा चौथ पर पतियों को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे कि उनकी पत्नी और रिश्ते में किसी तरह की परेशानी न हो. इसलिए यह जान लें कि करवा चौथ पर पतियों को क्या नहीं करना चाहिए.पत्नी के व्रत का सम्मान करें- पति कई बार पत्नी द्वारा रखे व्रत का सम्मान नहीं करते, जबकि यह व्रत उन्होंने आपके लिए ही रखा है. ऐसे में कई बार पति हंसी-मजाक में व्रत को हल्के में ले लेते हैं. ऐसी गलती बिल्कुल भी नहीं करें. यह व्रत श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है, इसलिए इसका सम्मान करें.
मांसाहार या मदिरापान न करें- करवा चौथ का व्रत भले ही पत्नी ने रखा हो, लेकिन पतियों को भी इसके नियमों का पालन करना चाहिए. आपको भी पत्नी के साथ व्रत रखना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है. अगर आप व्रत न कर पाएं तो कम से कम इस दिन मदिरापान और मांसाहार से दूर रहें.पूजा-पाठ में उनका साथ दें- पति को पूजा-पाठ में पत्नी का साथ देना चाहिए. अगर आप घर पर हैं तो कामों में पत्नी की सहायता करें. जब पत्नी व्रत में हो तो पतियों को मोबाइल या टीवी में उलझने के बजाय पत्नी का साथ देना चाहिए. अगर आप ऑफिस में हैं तो जल्दी घर लौटने का प्रयास करें.
उपहार को औपचारिकता न समझें- करवा चौथ पर पत्नी को आप किसी भी तरह का उपहार जरूर दें. लेकिन उपहार को औपचारिकता न समझें. उपहार तो पत्नी के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम है. आप फूल, गहने या मीठे शब्दों का भी उपहार दे सकते हैं. इन चीजों से उनके मन में खुशी और सम्मान की भावना बढ़ती है.

