MAHARASHTRA : लोन लेकर ट्रेडिंग में निवेश, और भारी रिटर्न… वायु सेना अधिकारी से 97 लाख का फ्रॉड

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पुणे में 53 वर्षीय रिटायर्ड वायु सेना अधिकारी एक फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग स्कैम का शिकार होकर 97 लाख रुपये गंवा बैठे. ठगों ने उन्हें फर्जी ऐप के जरिए निवेश के लिए 55 लाख का लोन लेने तक के लिए उकसाया. नकली मुनाफे दिखाकर कई खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए. सच सामने आने पर पीड़ित ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

महाराष्ट्र में पुणे के एक 53 साल के रिटायर्ड भारतीय वायु सेना (IAF) अधिकारी ने एक परिष्कृत ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग स्कैम में लगभग 97 लाख रुपये गंवा दिए. पीड़ित के एक नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर इंवेस्टमेंट के लिए 55 लाख रुपये का लोन लेने के लिए भी मजबूर किया गया. इसके बाद उससे कई नकली खातों में पैसे ट्रांसफर कराकर धोखा दिया गया.

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को एक ऑनलाइन एड के ज़रिए एक फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए फुसलाया गया था. मार्केट एक्सपर्ट्स का एक ग्रुप बताकर उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में एड किया गया. फिर नकली ट्रेडिंग टिप्स के आधार पर भारी निवेश करने के लिए उसे राजी किया गया. उनके द्वारा किया गया हर ट्रांजेक्शन ऐप पर अपने आप बढ़ा-चढ़ाकर रिटर्न के साथ दिखाई देता था, जिससे उन्हें विश्वास हो जाता था कि उनके निवेश से भारी मुनाफा हो रहा है. उनके अकाउंट में 4.44 करोड़ रुपये की राशि दिखाई पड़ रही थी.

जब पूर्व सैनिक की सेविंग खत्म हो गई तो फ्रॉड्स ने उन्हें पर्सनर और गोल्ड लोन लेने के की राय दी, और चेतावनी दी कि यदि उन्होंने निवेश करना बंद कर दिया तो वे अपना सारा प्रॉफिट खो देंगे. 40 दिनों की अवधि में, उन्होंने सतारा (महाराष्ट्र), कोलकाता, 24 परगना (पश्चिम बंगाल), हैदराबाद, बारपेटा (असम), पलक्कड़ (केरल), इंदौर और धार (मध्य प्रदेश), और खोरधा (ओडिशा) आदि स्थानों पर स्थित खातों में 18 बड़े ट्रांजेक्शन किए. धोखाधड़ी का पता तब चला जब शिकायतकर्ता ने अपनी कथित कमाई निकालने की कोशिश की और उससे राशि का 20% टैक्स के रूप में देने को कहा गया. ठगे जाने का एहसास होने पर, उन्होंने पुणे साइबर अपराध पुलिस स्टेशन का रुख किया, जहां एक एफआईआर दर्ज की गई.

अधिकारियों ने कहा कि यह मामला ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटालों के बढ़ते चलन का हिस्सा है, जो फर्जी ऐप्स और सोशल मीडिया समूहों के माध्यम सेहाई रिटर्न के झूठे वादों के साथ निवेशकों को निशाना बनाते हैं. बार-बार पुलिस की सलाह और जागरूकता अभियानों के बावजूद, पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में साइबर अपराध यूनिट ऐसी घटनाओं में वृद्धि की रिपोर्ट करती रहती हैं.

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