दक्षिण Africa में बड़ा हादसा: भूख और प्यास से तड़पकर 100 मजदूरों की मौत

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दक्षिण अफ्रीका के उत्तर पश्चिमी प्रांत में एक बंद सोने की खदान में अवैध खनन कर रहे करीब 100 मजदूरों की भूख और प्यास से मौत हो गई। खनिक महीनों से इस खदान में फंसे हुए थे। यह जानकारी खनिकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समूह माइनिंग अफेक्टेड कम्युनिटीज यूनाइटेड इन एक्शन (MACUA) ने दी है।

वीडियो से हुआ खुलासा

MACUA के प्रवक्ता सबेलो मंगुनी ने बताया कि खदान में मजदूरों की हालत का खुलासा तब हुआ जब 10 जनवरी को कुछ बचे हुए खनिकों द्वारा भेजा गया एक वीडियो सामने आया। वीडियो में दिखा कि सैकड़ों लोग भूख और प्यास से बेहाल हैं। इनमें से कई मजदूरों की मौत हो चुकी थी।

मंगुनी के अनुसार खदान में अब तक 100 खनिकों की मौत हो चुकी है। इनकी मौत का कारण भोजन और पानी की कमी बताया गया है।

➤  शवों को बाहर निकालने का काम जारी है। शुक्रवार (10 जनवरी) से शुरू हुए बचाव अभियान में अब तक 18 शव निकाले गए हैं।
➤  सोमवार (13 जनवरी) को चलाए गए अभियान में 26 लोगों को जीवित बचाया गया और 9 और शव बरामद किए गए।

 

 

पुलिस का बयान और बचाव अभियान

पुलिस प्रवक्ता ब्रिगेडियर सेबाटा मोकगवाबोन ने बताया कि बचाव कार्य अभी जारी है। सोमवार से एक नया अभियान शुरू किया गया है जिसमें सभी फंसे खनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश हो रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि खदान में कितने मजदूर फंसे हुए हैं।

अवैध खनन का संकट

दक्षिण अफ्रीका में अवैध खनन एक आम समस्या बन गई है। कंपनियों द्वारा बंद की गई खदानों में मजदूर अवैध रूप से प्रवेश करते हैं और बचे हुए सोने को निकालने की कोशिश करते हैं।

➤  स्टिलफोंटेन के पास बफ़ेल्सफोंटेन गोल्ड माइन ऐसी ही एक खदान है जहां नवंबर से खनिकों और पुलिस के बीच संघर्ष चल रहा है।
➤  नवंबर में अधिकारियों ने खदान को सील करने का प्रयास किया था लेकिन खनिकों ने इसका विरोध किया।

अवैध खनन के खतरे

➤ अवैध खनन बेहद खतरनाक होता है।
➤ ऐसी खदानों में सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं होता।
➤ खदान में फंसे लोगों को भोजन और पानी नहीं मिलता।
➤ खदान के अंदर हवा की कमी और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।

सरकार और समाज की ज़िम्मेदारी

यह घटना दक्षिण अफ्रीका में अवैध खनन की बढ़ती समस्या और इससे जुड़े खतरों की ओर ध्यान दिलाती है। इसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे और बंद खदानों को ठीक से सील करना होगा। साथ ही मजदूरों को सुरक्षित और वैध रोजगार प्रदान करना भी बेहद जरूरी है।

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