दिल्ली मेट्रो में 45 दिनों में 175 चोरी या गुम मोबाइल CEIR सिस्टम से बरामद और ब्लॉक किए गए. चोरों के लिए साफ संदेश है कि अब बचना आसान नहीं होगा. पुलिस की जांच जारी है.
दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान राहगीरों के मोबाइल फोन अब न तो चोरों की जेब में सुरक्षित रह पाएंगे और न ही अब वे चोर ही खुद को पुलिस से ज्यादा दिनों तक बचा पाएंगे. इस मामले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए महज डेढ़ महीने, यानी 45 दिनों में, 175 मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
इस पूरे ऑपरेशन की सफलता का आधार बना केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR), जिसकी मदद से पुलिस ने चोरी और गुमशुदा फोनों का पता लगाया. यात्रियों के लिए यह खबर राहत की सांस है, जबकि चोरों के लिए साफ संदेश है कि अब बचना आसान नहीं होगा.CEIR सिस्टम, दूरसंचार विभाग का एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म, है. यह फोन के यूनिक IMEI नंबर के जरिए चोरी या गुमशुदा मोबाइल को ट्रेस और ब्लॉक करने की क्षमता रखता है. पुलिस ने इसी तकनीक की मदद से चोरी हुए मोबाइलों का पता लगाया और चोरों तक पहुंच बनाई.

बरामद किए गए सभी मोबाइल तुरंत CEIR सिस्टम से ब्लॉक कर दिए गए. इस सिस्टम की खासियत यह है कि जैसे ही किसी ब्लॉक किए गए फोन में नया सिम कार्ड डाला जाता है, पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाता है. ऐसे में चोरों के पास अब बचने का कोई रास्ता नहीं बचता.पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद हुए 175 मोबाइल में से 125 फोन उन केसों से जुड़े थे, जिनमें चोरी की शिकायत दर्ज कर एफआईआर लिखी गई थी, जबकि बाकी 50 मोबाइल ऐसे थे जिन्हें लोगों ने गुम या मिसप्लेस्ड बताया था. यह पूरी रिकवरी 1 जुलाई से 15 अगस्त 2025 के बीच की गई.
जांच से पता चला कि ज्यादातर चोरी की वारदातें मेट्रो स्टेशनों पर उस वक्त हुईं, जब यात्री सफर में जल्दबाजी में थे या सामान पर ध्यान नहीं दे पाए. हैरानी की बात यह भी रही कि कई लोग अनजाने में चोरी के मोबाइल खरीद बैठे. ये फोन बाजार मूल्य से 10 से 30 प्रतिशत सस्ते दामों पर बेचे जा रहे थे.फिलहाल, पुलिस इन दावों की गहराई से जांच कर रही है. DCP (मेट्रो) कुशल पाल सिंह ने बताया कि CEIR सिस्टम के लिए चार सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है. इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो के 16 पुलिस थानों पर नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं.


