राजगढ़ में भूसे से भरा ओवरलोड ट्रक असंतुलित होकर जालपा माता मंदिर के पास हाईवे पर पलट गया. पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और कई लोगों की जान बच गई.
कभी-कभी हादसे पहले ही संकेत दे देते हैं- बस उन्हें समझने की जरूरत होती है. 19 मार्च को राजगढ़ के जालपा माता मंदिर के पास नेशनल हाईवे-52 पर ऐसा ही एक खौफनाक मंजर सामने आया, जहां एक भूसे से भरा ट्रक तिरछा होकर धीरे-धीरे मौत का खतरा बनता चला गया… और कुछ ही पलों में पलट गया. यह पूरा घटनाक्रम एक कार में बैठे युवक के मोबाइल कैमरे में लाइव कैद हो गया.
दरअसल, चैत्र नवरात्रि के चलते मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ चरम पर है. इसी बीच विदिशा जिले के सिरोंज से राजस्थान जा रहा ट्रक (MP09 HH9466) क्षमता से अधिक भूसा लादे हुए था. ओवरलोडिंग के कारण ट्रक संतुलन खो चुका था और राजगढ़ से जालपा माता मंदिर की ओर हाईवे सड़क पर तिरछा होकर खतरनाक अंदाज में बढ़ रहा था. हर गुजरते सेकंड के साथ खतरा बढ़ता जा रहा था.
मौके पर डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल मोहिन खान, चंद्रभान गुर्जर और सतीश भिलाला ने जब यह नजारा देखा, तो उन्हें अंदाजा हो गया कि अब बस कुछ ही क्षणों की बात है. उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी सड़क के बीच खड़ी कर दी और दोनों ओर से ट्रैफिक रुकवा दिया. पुलिसकर्मी तेज आवाज में लगातार लोगों को चिल्लाकर रोकते रहे – “आगे मत बढ़ो… ट्रक असंतुलित है…”.

इस दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस की लगातार चेतावनी के बावजूद ट्रक चालक ने वाहन नहीं रोका. ट्रक तिरछा होता हुआ आगे बढ़ता रहा और अचानक एक झटके में सड़क पर पलट गया. उस क्षण को देखने वाले लोग सन्न रह गए – और वहीं खड़ी एक कार के अंदर से कुछ लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया.
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि अगर पुलिस कुछ सेकंड भी देर कर देती, तो हाईवे से निकलने वाले वाहन इस ट्रक की चपेट में आ सकते थे. नवरात्रि के कारण सड़क से गुजर रहे श्रद्धालुओं के वाहनों की संख्या को देखते हुए यह हादसा बेहद भयावह हो सकता था.
ट्रक पलटने के बाद भी पुलिसकर्मी रुके नहीं. उन्होंने तुरंत ट्रक का कांच तोड़कर चालक फूलसिंह अहीरवाल (निवासी बाराखेड़ी, जिला विदिशा) और क्लीनर संतोष यादव को सुरक्षित बाहर निकाला. राहत की बात यह रही कि दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई.
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही और जिम्मेदारी के बीच का फर्क भी दिखाती है – एक तरफ ओवरलोड ट्रक और चेतावनी अनसुनी करता चालक, तो दूसरी तरफ कुछ सेकंड में फैसला लेकर दर्जनों जिंदगियां बचा लेने वाली पुलिस. लाइव वीडियो अब इस बात का गवाह है कि खतरा अचानक नहीं आता… वह धीरे-धीरे सामने आता है और सही समय पर लिया गया एक फैसला उसे टाल भी सकता है.

