MP : एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार: नौ जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर

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मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है। 28 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। मंदाकिनी और नर्मदा उफान पर हैं, जबकि बरगी-कुटनी बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। प्रदेश में अब तक 29.2 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 8% कम है।

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज बारिश के बाद मंदाकिनी और नर्मदा नदी उफान पर हैं, जबकि कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। इसी बीच बरगी और कुटनी बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार को सक्रिय मौसम प्रणाली आगे बढ़ेगी, जिसके कारण 4 और 5 सितंबर को बारिश का जोर और बढ़ने का अनुमान है।

9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास,आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है।इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

नदियां उफनीं, कई जगह बाढ़ का खतरा
चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर 138.52 मीटर तक पहुंच गया और खतरे के निशान के करीब है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए एसडीईआरएफ ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। छतरपुर में सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर मार्ग बंद रहा। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर दर्ज किया गया। जबलपुर में बरगी बांध 93.33 प्रतिशत भर गया है। इसके बाद पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। इससे नर्मदा के घाटों पर जलस्तर करीब चार फीट तक बढ़ने की संभावना है।

29.2 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से कम
प्रदेश में अब तक 741.2 मिलीमीटर यानी 29.2 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य 31.8 इंच से करीब 2.6 इंच कम है। पूरे प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 8 प्रतिशत नीचे है। पूर्वी हिस्से में कमी सिर्फ 1 प्रतिशत रह गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है

34 जिलों में अब भी बारिश की कमी
पूर्वी हिस्से के कई जिलों में 1 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें बालाघाट, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिले शामिल हैं। इसके उलट पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कमी ज्यादा है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में 6 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

21 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस मानसून सीजन में जून में प्रदेश में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून के दो बार कमजोर पड़ने के कारण कई दिनों तक बारिश थमी रही। अब सितंबर की शुरुआत में सक्रिय सिस्टम ने पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर बढ़ा दिया है। अगले दो दिन प्रदेश के लिए अहम रहेंगे। 4-5 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद 6-7 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी तेज बारिश होने का अनुमान है।

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