मुंबई में तेज गर्मी के कारण मौसम विभाग ने येलो अलर्ट को बढ़ाकर ऑरेंज अलर्ट कर दिया है. कई इलाकों में तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. मुंबई और आसपास के इलाकों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए चेतावनी का स्तर येलो से बढ़ाकर ऑरेंज कर दिया है. मंगलवार (10 मार्च) को तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया गया और लोगों को तेज धूप और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ा. साफ आसमान और तेज धूप के कारण शहर में मौसम जल्दी गर्मी जैसा महसूस होने लगा है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि गर्मी की स्थिति गंभीर हो सकती है और लंबे समय तक धूप में रहने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. यह चेतावनी मुंबई के साथ-साथ ठाणे और पालघर के कई इलाकों के लिए जारी की गई है. मौसम विभाग के अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर से लेकर शाम तक अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें.
मुंबई महानगर क्षेत्र के कई हिस्सों में मंगलवार (10 मार्च 2026) को अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया, जो मार्च के सामान्य तापमान से काफी ज्यादा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय तेज सूखी हवाएं चल रही हैं और समुद्र की ठंडी हवा कमजोर पड़ गई है, जिसकी वजह से तापमान लगातार बढ़ रहा है.

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में इतनी ज्यादा गर्मी असामान्य है, लेकिन इस साल पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में जल्दी गर्मी पड़ने का रुझान देखा जा रहा है. मौसम पर्यवेक्षक अथरेया शेट्टी के अनुसार गुजरात के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से पूर्वी हवाएं महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों से होकर आ रही हैं. जब ये हवाएं घाटों को पार करके नीचे उतरती हैं तो तापमान और बढ़ जाता है. उनका कहना है कि अगले एक या दो दिनों में हवा का रुख बदलने पर तापमान थोड़ा कम हो सकता है.
तेज गर्मी और बढ़ती नमी के कारण लोगों को महसूस होने वाला तापमान और ज्यादा लग सकता है. मुंबई के फेफड़ा रोग विशेषज्ञ लैंसलॉट पिंटो ने कहा कि ऐसे मौसम में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है. उन्होंने बताया कि बुजुर्गों, बच्चों और खुले में काम करने वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए और दोपहर की तेज धूप से बचना चाहिए. शहर के कई लोगों ने भी अचानक बढ़ी गर्मी से परेशानी जताई. दादर की एक दुकानदार गृहा जोशी ने कहा कि दोपहर के समय ऐसा लग रहा है जैसे मई का महीना आ गया हो और बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है.
गर्मी के साथ शहर में हवा की गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है. कुछ इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब से गंभीर स्तर तक दर्ज किया गया है. गर्म और स्थिर हवा के कारण प्रदूषण नीचे ही रह जाता है, जिससे दमा और सांस से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है.मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों तक गर्मी का असर बना रह सकता है. अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि इस दौरान ज्यादा मेहनत वाले काम दोपहर में न करें, पानी ज्यादा पिएं और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा का रुख बदलने पर कुछ दिनों में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है. तब तक मुंबई के लोगों को तेज गर्मी के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है.


