जलगांव में सामूहिक विवाह दूल्हे और दुल्हनों ने निकाह से पहले स्टेज पर खड़े हुए और हाथों में पाकिस्तान का झंडा वाला पेपर लिया. साथ ही हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में मुस्लिम मनिहार बिरादरी के सामूहिक शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई. इस दौरान पाकिस्तानी झंडे को फाड़कर विरोध भी जताया गया. तीसरे सामूहिक विवाह का आयोजन शिजगर मुस्लिम समाज फाउंडेशन सुप्रीम कॉलोनी जलगांव की ओर से किया गया था.
जलगांव जिला मुस्लिम मनिहार बीरादरी के अध्यक्ष फारूक शेख ने तीन प्रस्ताव पेश किए, जिन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई. सामूहिक विवाह में सभी दूल्हे-दुल्हन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे. काजी दूल्हे और दुल्हनों का निकाह कराते, इससे पहले दूल्हे स्टेज पर खड़े हुए और हाथों में पाकिस्तान का झंडा वाला पेपर लिया और फाड़ दिया. साथ ही दूल्हों ने पहलगाम में मारे गए सभी लोगों को याद कर श्रद्धांजलि दी.
इसके बाद शादी समारोह में दूल्हे-दुल्हनों ने आतंकवाद और पाकिस्तान का विरोध करते हुए पाकिस्तान का झंडा फाड़ दिया. 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में जान गंवाने वाले 26 लोगों के लिए मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई. इसके साथ ही आतंकवादियों की निंदा की गई और दूल्हे-दुल्हनों की ओर से पाकिस्तानी झंडे और आतंकवादियों की तस्वीरें फाड़ दी गईं.
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष फारूक शेख, शिजगर बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. फिरोज अहमद, अर्को के बशीर बुरहानी, टिकी एस्टेट के कादर कच्छी, अब्दुल ट्रांसपोर्ट के अनवर खान, कुलजामती के सैयद चांद, मरकज के सलीम सेट, मुक्ताई नगर के हकीम चौधरी, यावल के करीम सदस्य, पचोरा के इरफान इकबाल, साहिल के असलम खान, सीजर फाउंडेशन के शेख फारूक, शेख आसिफ शेख अखिल, नूर मोहम्मद, अफजल मनियार, अकील करीम और हजारों लोग शामिल हुए.


