NATIONAL : जमीन का मुआवजा मिलते ही पति को दिया धोखा, लाखों रुपये और जेवर लेकर प्रेमी संग भागी पत्नी

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झांसी में एक विवाहिता मुआवजे का पैसा मिलने के बाद अपने प्रेमी के साथ रुपये लेकर फरार हो गई. इस घटना से परिवार वाले भी टेंशन में हैं. वहीं पति की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.

झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) के तहत जमीन अधिग्रहण के बाद मिले मुआवजे ने एक परिवार की खुशियों को गहरे विवाद और तनाव में बदल दिया. यहां के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नया गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां रक्सा थाना क्षेत्र के ग्राम बाजना निवासी युवक की पत्नी मुआवजे की रकम और लाखों के जेवरात लेकर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई. पीड़ित पति ने पत्नी पर न केवल धोखा देने बल्कि घर से नकदी और जेवरात चोरी कर ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है.

पीड़ित पति चंदन अहिरवार ने बताया कि उसके पिता ग्यासी अहिरवार की जमीन बीड़ा योजना के तहत अधिग्रहित हुई थी. जिसके एवज में उन्हें मुआवजा मिला था. ग्यासी अहिरवार ने यह रकम अपने तीनों बेटों जगत, अर्जुन और चंदन को बराबर-बराबर करीब 8-8 लाख रुपए के रूप में दी थी. चंदन के अनुसार इसी रकम से वह मकान निर्माण और पारिवारिक भविष्य की योजना बना रहा था.

चंदन ने आगे बताया कि उसकी शादी करीब पांच साल पहले प्रेमनगर निवासी रेशमा अहिरवार से हुई थी. दंपति के एक बेटा और एक बेटी हैं. चंदन का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही रेशमा के पड़ोस में रहने वाले युवक अभिषेक अहिरवार से प्रेम संबंध हो गए थे. इसे लेकर घर में आए दिन विवाद होता था.

चंदन के मुताबिक 4–5 दिन पहले उसने अपनी पत्नी को अभिषेक से मोबाइल पर बात करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था. जिसको लेकर उसका कई बार झगड़ा भी हुआ था. इसी बीच 5 जनवरी को विवाद इतना बढ़ गया कि रेशमा ने उस पर खौलती चाय फेंक दी, जिससे वह झुलस गया. वहीं अगले दिन रेशमा ने चंदन से कहा कि उसके माता-पिता गांव में भंडारे का आयोजन कर रहे हैं. ऐसे में वह वहां जाएगी और संक्रांति के दिन वापस लौट आएगी.

इस पर चंदन उसे प्रेमनगर के नया गांव छोड़कर आया भी था. लेकिन 9 जनवरी को भंडारे के दिन परिवार के सभी सदस्य मंदिर गए हुए थे. इसी दौरान रेशमा ने तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर मंदिर जाने से इनकार कर दिया और अपनी बेटी को साथ लेकर पड़ोसी अभिषेक अहिरवार के साथ फरार हो गई. बाद में जब चंदन ने पत्नी के भाई से जानकारी ली तो उसने पत्नी द्वारा फोन पर बात किए गए एक नंबर के बारे में जानकारी दी.

पति ने जांच की तो पता चला कि वह नंबर अभिषेक अहिरवार का है. बाद में चंदन जब घर पहुंचा और जांच की तो पाया कि मकान बनवाने के लिए रखे 50 हजार रुपए नकद व बीड़ा के पैसों से खरीदे गए करीब 5 लाख के सोने-चांदी के जेवरात घर से गायब थे. चंदन ने इस संबंध में अपने ससुराल पक्ष से संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

रंजना देवी ने बताया कि देवरानी रेशमा के पड़ोसी अभिषेक के साथ प्रेम संबंध थे. दोनों छत से एक-दूसरे को इशारे किया करते थे, जिसको लेकर घर में रोज झगड़े होते थे. रंजना के अनुसार जाते समय रेशमा करीब 5 लाख के जेवर और 50 हजार रुपए नकद साथ ले गई. वहीं चंदन की मां और रेशमा की सास गुड्डी देवी ने बताया कि बहू चोरी-छिपे अभिषेक से बात करती थी. झगड़े के दौरान उसने उनके बेटे पर खौलती चाय डाल दी थी. मोहल्ले वालों के मुताबिक रेशमा मुंह बांधकर किसी गाड़ी में बैठकर गई थी.

चंदन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बताया कि बीड़ा मुआवजे के बाद बढ़ रहे ऐसा यह पहला मामला नहीं है. बीड़ा के तहत मुआवजा मिलने के बाद आसपास के इलाकों में ऐसे कई विवाद और परिवार टूटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. फिलहाल इस घटना के बाद परिवार में तनाव का माहौल बना हुआ है.

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