नवी मुंबई के पुलिस कॉन्स्टेबल अनिल सुखदेव मंडोले को बार में महिला डांसर्स पर पैसे बरसाते वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया. वे आईएचटीपीसी से जुड़े थे, जो मानव तस्करी रोकने का काम करती है. डीसीपी (क्राइम ब्रांच) ने इसे गंभीर कदाचार करार दिया और मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
नवी मुंबई के एक पुलिस कॉन्स्टेबल अनिल सुखदेव मंडोले को निलंबित कर दिया गया है. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे कोपरखैरणे स्थित नटराज लेडीज बार में महिला डांसर्स पर पैसे बरसा रहे थे. मंडोले इमोरल ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रिवेंशन सेल (IHTPC) से जुड़े थे. वीडियो में उन्हें शराब पीते हुए महिलाओं पर नोट्स बरसाते दिखाया गया.
वीडियो वायरल होने के बाद, डीसीपी (क्राइम ब्रांच) सच्चिन गुंजल ने 9 जनवरी को तत्काल प्रभाव से मंडोले को निलंबित कर दिया. आदेश में कहा गया कि यह व्यवहार अनुशासित पुलिस बल के सदस्य के लिए उचित नहीं है और गंभीर कदाचार के अंतर्गत आता है, खासकर उनके जिम्मेदारी क्षेत्र को देखते हुए.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में विभागीय जांच भी की जाएगी.

गौरतलब है कि मुंबई और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बार और नाइट क्लब्स पर कई बार कानूनी पाबंदियां और प्रतिबंध लगाई गईं, लेकिन यह पूरे शहर या पूरे समय के लिए स्थायी नहीं रही. महाराष्ट्र में शराब और मनोरंजन गतिविधियों पर Maharashtra Prohibition Act और Bombay Police Act जैसी कानूनी व्यवस्थाएं लागू होती हैं. बार और नाइट क्लबों में काम करने वाली महिलाओं के लिए कुछ सुरक्षा और लाइसेंस नियम बनाए गए हैं.
2013–2015 के आसपास कुछ समय के लिए कम उम्र की महिलाओं, अवैध भड़काऊ प्रदर्शन या सेक्सवर्किंग के आरोप के कारण बार में डांसर्स पर नियम कड़े किए गए. कई बार शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में यह प्रतिबंध अस्थायी रूप से लागू होता था, जैसे रात के समय घंटे तय करना, ड्रिंकिंग लिमिट, और महिलाओं के प्रदर्शन पर लाइसेंस शर्तें.

