प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के सचिव विशु अजमानी ने केंद्रीय बजट को किसान, मजदूर और युवाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता की वास्तविक समस्याओं को नज़रअंदाज़ कर केवल बड़े उद्योगपतियों और कॉरपोरेट सेक्टर को लाभ पहुँचाने वाला है। महंगाई, बेरोज़गारी और रोज़मर्रा की ज़रूरतों के बढ़ते खर्चों पर बजट में कोई ठोस राहत नहीं दी गई है, जो सरकार की जनविरोधी मानसिकता को साफ तौर पर उजागर करता है।

युवाओं को लेकर विशु अजमानी ने कहा कि इस बजट में सरकार ने भ्रम फैलाने के अलावा कुछ नहीं किया है। देश में बेरोज़गारी ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच चुकी है, लेकिन स्थायी रोजगार सृजन को लेकर बजट में कोई ठोस नीति या स्पष्ट दिशा नज़र नहीं आती। स्किल, स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता जैसे शब्दों के सहारे युवाओं को केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर नौकरी के अवसर, भविष्य की सुरक्षा और सम्मानजनक रोजगार के लिए सरकार के पास कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव विशु अजमानी ने कहा कि इस बजट में एक बार फिर किसानों के साथ अन्याय किया गया है। सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी देने से पीछे हट गई है, जबकि खाद, बीज, बिजली और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। बजट में किसानों को राहत देने के बजाय केवल खोखले आश्वासन दिए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और गरीब तबका भी पूरी तरह उपेक्षित है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताएं विफल साबित हुई हैं।
अंत में विशु अजमानी ने स्पष्ट किया कि यह बजट आम आदमी, किसान और मजदूर के हितों के बजाय चंद पूंजीपतियों के पक्ष में बनाया गया है और कांग्रेस पार्टी जनता के हक़ की लड़ाई सड़क से सदन तक पूरी मजबूती के साथ जारी रखेगी।


