महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानों को खुले रखने के निर्णय को कांग्रेस के युवा नेताओं ने राष्ट्रपिता के सिद्धांतों और आदर्शों का खुला अपमान बताया है। नेताओं ने कहा कि गांधी जी जीवनभर नशामुक्त समाज, संयम और नैतिक मूल्यों के समर्थक रहे, ऐसे पावन दिवस पर शराब बिक्री जारी रखना भाजपा सरकार की संवेदनहीन सोच और दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

इस निर्णय के विरोध में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के सचिव विशु अजमानी एवं युवा नेता पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता शराब दुकान के सामने एकत्र हुए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से शराब दुकान का शटर बंद कराने का प्रयास किया, ताकि राष्ट्रपिता को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सके। मौके पर मौजूद पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए शटर बंद कराने से रोका, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं धरना देकर विरोध जारी रखा।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गांधी जी के प्रिय भजनों का गायन करते हुए अहिंसक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर ऋषि शास्त्री ने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर गांधी जी की तस्वीरों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देने का दिखावा करती है, वहीं दूसरी ओर समाज को नशे की ओर धकेलने वाली नीतियों को बढ़ावा दे रही है, जो घोर पाखंड है।
कुछ समय पश्चात आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि शराब से परिवार उजड़ रहे हैं, युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है, लेकिन सरकार सामाजिक जिम्मेदारियों की बजाय केवल राजस्व के लालच में फैसले ले रही है।
प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने गांधी जी के अहिंसा के संदेश को आत्मसात करते हुए आबकारी विभाग के अधिकारियों को गुलाब का फूल भेंट कर अपना प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।
सेवादल प्रदेश सचिव हर्ष खोबरागड़े ने मांग की कि कम से कम गांधी जी की पुण्यतिथि जैसे राष्ट्रीय महत्व के दिवस पर शराब दुकानों को अनिवार्य रूप से बंद रखा जाए तथा सरकार नशामुक्त समाज की दिशा में ठोस कदम उठाए, तभी राष्ट्रपिता को सच्ची श्रद्धांजलि मानी जाएगी।
REPOTER : हेमंत वर्मा ,राजनांदगांव


