हजारीबाग के चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने गुरुवार देर रात हमला कर छह लोगों को कुचलकर मार डाला. मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य और डेढ़ साल की बच्ची शामिल हैं. वहीं, घटना के बाद गांव के मुखिया और प्रमुख ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है.हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड अंतर्गत गोंदवार गांव में गुरुवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया. इस हमले में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं. पांच लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
गांव में हर तरफ तबाही के निशान साफ दिख रहे हैं. टूटी हुई मिट्टी की दीवारें, बिखरा सामान, पलंग पर पड़ी सिलवटें और लोगों के चेहरों पर डर उस रात की भयावह कहानी बयां कर रहे हैं. बताया गया कि पांच जंगली हाथियों का झुंड गांव में घुस आया और कई घरों को नुकसान पहुंचाया.इस हमले में एक ही घर के चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों में डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची भी शामिल है. परिवार में अब सिर्फ एक बुजुर्ग विधवा महिला बची है, जो कुछ बोल भी नहीं पा रही है और शून्य में देखती रह जाती है. घर में अब उनकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं बचा.

गांव की महिलाओं ने बताया कि कैसे हाथियों ने अचानक हमला किया और अफरा-तफरी मच गई. किसी ने पति खोया, किसी ने पिता तो किसी ने ससुर. तीन बहुओं ने बताया कि उन्होंने किसी तरह अपने बच्चों की जान बचाई. घटना के बाद गांव की महिलाएं पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रही हैं.
घटना के बाद गांव के मुखिया और प्रमुख ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि हर साल तीन से चार बार हाथियों का हमला होता है, लेकिन ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए जाते. न तो टॉर्च दी जाती है, न हाथियों को भगाने के पटाखे और न ही सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि नेता चुनाव के समय आते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं. लोग दहशत में हैं और रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं. उन्हें डर सता रहा है कि कहीं हाथियों का झुंड फिर से गांव में न घुस आए.
घटना की पुष्टि हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल ने की है. उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है. वन विभाग की ओर से इलाके में माइकिंग कर लोगों को जंगल की ओर न जाने और समूह में रहने की सलाह दी जा रही है. सदर एसडीओ आदित्य पांडे भी मौके पर पहुंचे और कहा कि नियमानुसार प्रभावित परिवारों की मांग पूरी की जाएगी.
विधायक तिवारी महतो उर्फ निर्मल महतो ने भी घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी क्षेत्र में हाथियों का आतंक रहा है और विभाग पर्याप्त रूप से संवेदनशील नहीं रहा. उन्होंने मृतक परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा देने की बात कही. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.

