National : ट्रंप के बिना शर्त सरेंडर की मांग पर ईरान का मुंहतोड़ जवाब, खाड़ी देशों से क्यों मांगी माफी?

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ईरान ने हमलों के लिए अपने पड़ोसी मुल्कों से माफी मांग ली है, साथ ही अमेरिका की तरफ से की गई बिना शर्त सरेंडर की मांग को ठुकरा दिया है.ईरान ने यूएस-अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई के बाद पलटवार करते हुए अपने पड़ोसी देशों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे, इस एक्शन को लेकर वहां के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को माफी मांग ली है, साथ ही अमेरिका की तरफ से की गई सरेंडर की मांग को मानने से इनकार करते हुए ठुकराया है. उन्होंने कहा है कि वे हमारे बिना शर्त आत्म समर्पण के सपने को कब्र में ले जाएंगे.

राष्ट्रपति मसूद ने कहा कि तेहरान का दूसरे देशों पर हमले करने का कोई इरादा नहीं है. भले ही इजरायल और अमेरिका के साथ दुश्मनी बढ़ गई हो. एक टीवी चैनल पर देश को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के अंतरिम नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने और मिसाइल लॉन्च रोकने का फैसला किया है. यह रोक तबतक है, जब तक वह देश ईरान पर हमले नहीं करते हैं. राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं. हमारा दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. यह फैसला इलाके में और ज्यादा तनाव रोकने के लिए लिया गया था.साथ ही उन्होंने बताया कि नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने के फैसले पर मंजूरी दी है. साथ ही ईरान पर अगर हमला होता है, तो जवाब देने का अधिकार भी बना रखा जाएगा. परिषद ने घोषणा की है कि पड़ोसी देशों पर हमले नहीं होंगे. कोई मिसाइल लॉन्च नहीं किया जाएगा. जब तक उन देशों से ईरान पर हमला न हो.

ईरान ने इजरायल पर हमले जारी रखे हैं. यहां ईरानी ठिकानों पर यूएस इजराइल हमलों के बाद पूरे इलाकों में लड़ाई बढ़ गई है. ट्रंप ने बिना शर्त सरेंडर की मांग की है. शनिवार को युद्ध अपने दूसरे हफ्ते में पहुंच गया है. इस बात पर अनिश्चितता बढ़ गई है कि दुश्मनी कब खत्म होगी. इधर, ट्रंप ने ईरान पर प्रेशर बनाते हुए सरेंडर की मांग की है.ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ पर लिखा- ईरान के साथ बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा कोई सौदा नहीं होगा. ईरान में एक बार नया नेतृत्व उभरने के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देश अर्थव्यवस्था के पुननिर्माण पर काम करेंगे.

ईरान की तरफ से हमले में इजरायल के 11 लोग मारे गए हैं. इनमें 6 अमेरिका के सर्विस मेंबर भी शामिल हैं. ईरान ने लेबनान पर बमबारी तेज की है. इनमें बेरूत के दक्षिणी इलाकों के हमले शामिल हैं. इससे लोग बड़े पैमाने पर बेघर हुए हैं. नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल की मानें तो हाल के दिनों में लेबनान में करीब 3 लाख लोग बेघर हुए हैं. वहीं इजरायल के हमलों में 123 लोग मारे गए हैं. इनमें 683 लोग घायल हुए हैं. इन हमलों को असर ग्लोबल मार्केट पर भी पड़ा है. यूरोपियन और यूएस सटॉक तेजी से गिर रहे हैं. तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला है.

यह लड़ाई ईरान की बॉर्डर से कई आगे तक फैल गई है. ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर हमला किया. यह हमले उन देशों पर हैं, जहां अमेरिका के मिलिट्री बेस हैं. शनिवार सुबह-सुबह मिसाइलें इजरायल की ओर उड़ती देखी हैं. इजरायल ने ईरान के हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस को एक्टिवेट किया है. इजरायल ने भी ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए हमले शुरू किए हैं. इजरायल ने लेबनान पर भी हमले किए हैं. इजरायल ने तर्क दिया है कि वह ईरानी और हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है.

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