NATIONAL : पैर फिसला और फिर… झरने के तेज बहाव में समा गईं 3 सहेलियां, रोंगटे खड़े कर देगी ये घटना

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आंध्र प्रदेश के अनंतगिरी हिल्स में एक झरने पर सेल्फी लेते समय तीन नाबालिग लड़कियों की डूबकर मौत हो गई. चार लड़कियां वहां घूमने गई थीं, जिनमें से एक को बचा लिया गया. पुलिस के अनुसार, फिसलन भरी चट्टानों पर खड़े होकर सेल्फी लेते समय उनका संतुलन बिगड़ गया.

आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है, जहां दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गई तीन लड़कियों के लिए सेल्फी मौत का पैगाम बन गई. अक्सर हम पिकनिक और घूमने-फिरने का प्लान बनाते हैं ताकि रोज की भागदौड़ से थोड़ा सुकून मिल सके. जंबुवलसा गांव गांव की चार सहेलियों ने भी कुछ ऐसा ही सोचा था. परीक्षाएं खत्म हुई थीं, तो सबने मिलकर तय किया कि पास की पहाड़ियों में स्थित मुलागुम्मी झरने घूमकर आते हैं. घर से सब हंसते-खेलते निकले थे, लेकिन किसे पता था कि एक सेल्फी उन सबकी जिंदगी की आखिरी तस्वीर बन जाएगी.

इस दर्दनाक हादसे में 17 साल की त्रिशा, 16 साल की रत्नकुमारी और 16 साल की पवित्रा की जान चली गई. ये तीनों सहेलियां अनंतगिरी की पहाड़ियों में बने इस खूबसूरत झरने की मस्ती में खोई हुई थीं. तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने वहां मौजूद हर किसी की रूह कंपा दी. बताया जा रहा है कि लड़कियां झरने के एकदम करीब वाली चट्टानों पर खड़ी होकर सेल्फी ले रही थीं. पहाड़ों पर होने की वजह से इन पत्थरों पर काफी काई जमी थी, जिसकी वजह से वहां फिसलन थी.

घटना के वक्त ये चारों सहेलियां झरने के बेहद करीब पहुंच गई थीं. पहाड़ों पर स्थित इस झरने की चट्टानों पर पानी की वजह से काफी फिसलन थी।. पुलिस के मुताबिक, ये लड़कियां बेहतर सेल्फी लेने की कोशिश कर रही थीं, तभी अचानक वे फिसलन भरी चट्टानों पर अपना संतुलन खो बैठीं और सीधे गहरे पानी में जा गिरीं. दुखद बात यह रही कि इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था. पानी के तेज बहाव के सामने उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई. वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने जब लड़कियों की चीखने की आवाज सुनी तो वे तुरंत उनकी तरफ दौड़े. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक लड़की को तो किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिसे तुरंत अस्पताल भर्ती कराया गया है. लेकिन बाकी तीनों सहेलियों की किस्मत ने साथ नहीं दिया और वे पानी के तेज बहाव के साथ आंखों से ओझल हो गईं.

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तीनों लड़कियों के शव बरामद किए गए. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुलागुम्मी झरना देखने में भले ही छोटा और शांत लगता है, लेकिन इसके नीचे पानी का बहाव बहुत खतरनाक है. खास तौर पर गीली चट्टानों पर चलना जोखिम भरा होता है, जहां जरा सा पैर फिसलने का मतलब सीधा मौत से सामना है.

इस हादसे ने पूरे जंबुवलसा गांव में मातम फैला दिया है. एक ही मोहल्ले की तीन जवान बेटियों के शव जब गांव पहुंचे, तो हर आंख नम हो गई. ये लड़कियां अभी अपने करियर के सपने बुन ही रही थीं कि एक छोटी सी लापरवाही ने सब कुछ खत्म कर दिया. यह घटना उन सभी पर्यटकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो रोमांच के चक्कर में सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं. प्रशासन ने भी अपील की है कि पानी के किनारे सेल्फी लेते वक्त सावधानी बरतें, क्योंकि आपकी एक गलती पूरे परिवार को उम्र भर का गम दे सकती है.

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