बिजनौर के चक गोवर्धन गांव में दो साल बच्चे की गले में टॉफ़ी फंसने से मौत हो गई. परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. स्वास्थ्य अधिकारियों ने छोटे बच्चों को टॉफ़ी, मूंगफली और अंगूर जैसे खाद्य पदार्थ देने में सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि यह दम घुटने का कारण बन सकते हैं.
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दो साल के मासूम बच्चे की गले में टॉफ़ी फंसने से मौत हो गई. घटना शनिवार शाम की है, जब शफेज नामक बच्चा अचानक सांस लेने में तकलीफ होने के बाद घर पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा. घबराए हुए परिजन तुरंत उसे नहटौर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर लेकर पहुंचे.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर आशीष कुमार आर्या ने बताया कि बच्चा मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था. उन्होंने कहा कि टॉफ़ी उसके श्वासनली में फंस गई थी, जिससे उसकी सांस बंद हो गई और दम घुटने से मौत हो गई. डॉक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है और छोटी सी देर भी जान के लिए खतरा बन जाती है.

डॉक्टर आर्या ने अभिभावकों को आगाह करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को टॉफ़ी, मूंगफली, अंगूर जैसे छोटे आकार के खाद्य पदार्थ देने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें निगलते समय गले में फंसने का खतरा अधिक रहता है. उन्होंने कहा कि इस उम्र के बच्चों में निगलने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, ऐसे में थोड़ी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.
मृतक के पिता शमशाद ने बताया कि शफेज पहले भी कई बार टॉफ़ी खाता था, लेकिन इस बार टॉफ़ी उसके गले में फंस गई. परिजनों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन टॉफ़ी को गले से निकालने में वे सफल नहीं हो सके. परिवार बच्चे की मौत से सदमे में है और गांव में भी शोक का माहौल है. घटना के बाद स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को बच्चों से जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें.


