प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय के ट्रांसफर के बाद चार महत्वपूर्ण फैसले लिए. इन फैसलों में महिला, किसान और युवाओं पर फोकस है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर का पता अब बदल चुका है. दशकों से भारतीय प्रधानमंत्री के दफ्तर का पता ‘प्रधानमंत्री कार्यालय यानि पीएमो’ हुआ करता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. पीएमो के सेवा तीर्थ परिसर में नए पते पर स्थानांतरित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को चार महत्वपूर्ण फैसले लिए.
नए सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री ने खुद किया है, जहां अब पीएमओ के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी स्थित हैं. अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा साइन किए फाइलें ‘सेवा’ की भावना को रिफ्लेक्ट करती हैं.
पहला और सबसे महत्वपूर्ण फैसला पीएम राहत योजना की शुरुआत है. इस योजना के तहत, सड़क दुर्घटना या अन्य हादसों में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा. इसका उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि आर्थिक संकट के कारण किसी भी व्यक्ति की जान न जाए और उन्हें तत्काल उचित मेडिकल सर्विस प्राप्त हो.

वीमेन एम्पावरमेंट के क्षेत्र में ‘लखपति दीदी योजना’ को बड़ा विस्तार दिया गया है. योजना का लक्ष्य अब 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं तक पहुंचाना है, जिसे मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह योजना स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की आय सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है. अब महिलाएं न केवल घरेलू कार्यों तक सीमित हैं, बल्कि कृषि, बागवानी, डेयरी और पशुपालन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में भी एक्टिव रोल निभा रही हैं.
किसानों के लिए कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है, जिससे कृषि सेक्टर में सप्लाई चेन मजबूत होगी.
युवाओं और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ मंजूरी मिली है, जो प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को समर्थन देगा.प्रधानमंत्री के ये निर्णय महिला सशक्तिकरण, किसानों को सहयोग और युवाओं को अवसर प्रदान करने की सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं.

