देहरादून में एक ऐसा हत्याकांड सामने आया है जिसने रिश्तों की बुनियाद को ही झकझोर दिया. करोड़ों की प्रॉपर्टी डील के विवाद ने मां-बेटे के रिश्ते को खून के रिश्ते से साजिश में बदल दिया. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जमीन और पैसों के लालच में सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची गई. मामले में मृतक की मां समेत पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.
उत्तराखंड के देहरादून में दिनदहाड़े हुई एक हत्या ने शहर को स्तब्ध कर दिया था. 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के पास व्यापारी अर्जुन शर्मा को स्कूटी सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी. मामले में दो सुपारी किलर्स के पकड़े जाने के बाद जो खुलासा हुआ वह हैरान करने वाला था. मालूम हुआ कि जिस मां ने अर्जुन को जन्म दिया उसी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची थी.
प्रॉपर्टी विवाद की आग ने रिश्तों को इस कदर झुलसा दिया कि परिवार के भीतर ही मौत का सौदा तय कर लिया गया. दून पुलिस की जांच में सामने आया है कि करोड़ों की जमीन के विवाद ने इस खौफनाक वारदात को जन्म दिया था.घटना 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के पास की है, जहां जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा को स्कूटी सवार बदमाशों ने गोली मार दी. गंभीर हालत में उन्हें दून अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने मृतक की मां बीना शर्मा समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया.

सीसीटीवी फुटेज और नाकेबंदी के आधार पर पुलिस ने दो शूटरों- राजू और पंकज राणा की पहचान की. रायपुर और डोईवाला क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. मौके से 315 बोर के दो तमंचे, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद हुई. पूछताछ में आरोपियों ने 12 लाख रुपये में हत्या की सुपारी लेने की बात कबूल की है.
जांच में खुलासा हुआ कि करीब 14 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी डील और उस पर लगे कोर्ट स्टे को लेकर विवाद चल रहा था. आरोप है कि अर्जुन की मां ने 14 करोड़ की डील पर जमीन बेची और खरीदार से आठ करोड़ रुपये ले लिए लेकिन बेटे ने कोर्ट से इस बिक्री पर स्टे लगवा दिया. ऐसे में भुगतान होने के बावजूद कब्जा न मिलने से खरीदार की ओर नाराजगी बढ़ी जिसके बाद अर्जुन की मां ने उसके साथ मिलकर साजिश रच डाली. पुलिस के अनुसार मां बीना शर्मा, डॉ. अजय खन्ना और विनोद उनियाल ने मिलकर ये योजना बनाई थी और तीन लाख रुपये एडवांस देकर शूटरों को हत्या के लिए तैयार किया.
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि व्हाट्सएप कॉल डिटेल और मृतक की दिनचर्या की रेकी जैसे अहम सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं. फिलहाल पांचों आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि घायल शूटर अस्पताल में भर्ती हैं. पुलिस इस पूरे मामले को प्रॉपर्टी लालच में रची गई सुनियोजित साजिश मान रही है और विस्तृत विवेचना जारी है.

