जिले में मानवीय संवेदना और त्वरित सहायता का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक प्रसूता महिला और उसके 18 दिन के नवजात शिशु को बड़ी दुर्घटना से बचा लिया गया। स्थानीय दुकानदारों, कर्मचारियों, पड़ोसी महिलाओं और स्वास्थ्य अमले की सजगता से समय रहते दोनों की जान सुरक्षित रही।

आज दोपहर लगभग 12:00 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर तुमडीबोड में एक महिला अपनी मोटरसाइकिल पर अपने 18 दिन के नवजात शिशु के साथ इलाज कराकर राजनांदगांव से अपने ग्राम कोहका लौट रही थीं। महिला की ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी और तीन दिन पहले ऑपरेशन के टांके खुलवाए गए थे। साई बाबा ट्रेडर्स, किसान कांग्रेस अध्यक्ष मदन साहू की किराना दुकान के पास अचानक महिला को चक्कर आ गया और वह चलती गाड़ी से गिरने लगीं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दुकान के कर्मचारियों ने दौड़कर नवजात शिशु को सुरक्षित पकड़ लिया जबकि महिला सड़क पर गिर पड़ीं। घटना के तुरंत बाद महिला को दुकान परिसर में सुरक्षित स्थान पर लाया गया। आसपास के लोगों ने सहयोग किया और पड़ोस में रहने वाली महिलाओं ने तेल मालिश कर प्राथमिक सहायता प्रदान की। इस दौरान मदन साहू ने तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तुमडीबोड से संपर्क किया। सूचना मिलते ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉक्टर धनेश्वरी देवांगन (RMA) तुरंत मौके पर पहुंचीं और अपनी सेवाएं दीं। प्राथमिक जांच के बाद उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के टांकों की स्थिति गंभीर हो सकती है जिन्हें दिखाना आवश्यक है और संभावित रूप से दोबारा ऑपरेशन की भी जरूरत पड़ सकती है। डॉक्टर ने परिजनों को जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज या किसी बड़े अस्पताल में तत्काल ले जाने की सलाह दी। प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों ने तुरंत वाहन की व्यवस्था की और महिला व नवजात को राजनांदगांव जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया जहां आगे का इलाज सुनिश्चित किया गया। इस मानवीय प्रयास में डॉ. धनेश्वरी देवांगन (RMA), श्री हरि बंजारे, सुपरवाइजर हेमंत साहू, रॉयल एंटरप्राइजेज, आसपास के दुकानदारों और स्थानीय महिलाओं का विशेष योगदान रहा। सभी की तत्परता और सहयोग ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। यह घटना बताती है कि समय पर मदद, सामूहिक प्रयास और संवेदनशीलता से किसी भी आपात स्थिति में जीवन बचाया जा सकता है। स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य अमले की यह पहल सराहनीय है।


